जमशेदपुर। भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ते तनाव, चिंता और नकारात्मक विचारों के बीच आंतरिक शांति और संतुलन का मार्ग तलाशने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज यूनिवर्सल पीस पैलेस, मरीन ड्राइव, सोनारी की ओर से लोयोला स्कूल के विशाल ऑडिटोरियम में दो दिवसीय आध्यात्मिक एवं प्रेरणात्मक शिविर ‘ऊंची उड़ान—तनावमुक्त जीवन से परिपूर्ण जीवन की ओर’ का आयोजन किया गया। शिविर में माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय से पहुंचे वरिष्ठ राजयोगी एवं आध्यात्मिक वक्ताओं के सान्निध्य में हजारों भाई-बहनों ने राजयोग ध्यान, आध्यात्मिक ज्ञान और सकारात्मक जीवनशैली से जुड़े सत्रों में भाग लिया।
शिविर का प्रमुख आकर्षण माउंट आबू से आए राजयोगी ब्रह्माकुमार सूरज भाई, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी गीता दीदी और राजयोगी ब्रह्माकुमार रोहित भाई का मार्गदर्शन रहा। तीनों वक्ताओं ने तनाव से मुक्ति, विचारों में सकारात्मकता, आत्मिक शक्ति, श्रेष्ठ कर्म और राजयोग ध्यान के माध्यम से जीवन को संतुलित बनाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
राजयोगी ब्रह्माकुमार सूरज भाई ने कहा कि वर्तमान समय में जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान अध्यात्म के माध्यम से तलाशा जा सकता है। अध्यात्म मनुष्य के भीतर ही मौजूद है और आवश्यकता उसे समझने तथा अपने जीवन में उतारने की है। उन्होंने कहा कि कर्म और अकर्म का ज्ञान आज समय की आवश्यकता है। मनुष्य के विचार उसके कर्मों का आधार बनते हैं और श्रेष्ठ विचारों के माध्यम से श्रेष्ठ कर्म किए जा सकते हैं। इससे जीवन में सुख, शांति और संतुलन की अनुभूति बढ़ती है।
ब्रह्माकुमार सूरज भाई पिछले छह दशकों से अधिक समय से ध्यान और आध्यात्मिक साधना से जुड़े हैं। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा विदेशों में भी राजयोग और आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश पहुंचाया है। आध्यात्मिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्र पुरस्कार और चाणक्य पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की जानकारी आयोजकों ने दी। वे आध्यात्मिक विषयों पर कई पुस्तकों के लेखक भी हैं और जमशेदपुर में उनका यह दूसरा आगमन रहा।
राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी गीता दीदी ने भी शिविर में प्रतिभागियों को आत्मिक शक्ति, शांति और सकारात्मकता के महत्व से अवगत कराया। करीब चार दशक से आध्यात्मिक साधना और सेवा से जुड़ी गीता दीदी देश-विदेश में राजयोग एवं आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से लोगों को जीवन की चुनौतियों का सकारात्मक दृष्टिकोण से सामना करने के लिए प्रेरित करती रही हैं। वहीं ब्रह्माकुमार रोहित भाई ने भी अपने संबोधन में राजयोग, आत्मिक शक्ति और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
दो दिनों के दौरान कर्म, विचार, तनावमुक्ति, सकारात्मक सोच, आत्मिक शक्ति, जीवन में संतुलन और राजयोग ध्यान जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर आध्यात्मिक ज्ञान और ध्यान का लाभ लिया। प्रतिभागियों के लिए आयोजकों की ओर से नाश्ते और दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी की गई थी।
कार्यक्रम की संचालिका एवं कोल्हान ब्रह्माकुमारीज की निदेशिका ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी ने कहा कि अनुभवी और तपस्वी आध्यात्मिक व्यक्तित्वों का सान्निध्य मिलना अपने आप में सौभाग्य का अवसर है। ऐसे कार्यक्रम व्यक्ति को जीवन को देखने की नई दृष्टि देते हैं तथा विचारों और कर्मों में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करते हैं।
समापन समारोह में ब्रह्माकुमार सूरज भाई और ब्रह्माकुमारी गीता दीदी ने उपस्थित भाई-बहनों के बीच प्रसाद का वितरण किया। आयोजकों के अनुसार ‘ऊंची उड़ान’ शिविर का उद्देश्य लोगों को तनाव और नकारात्मकता से बाहर निकालकर आध्यात्मिकता, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन की दिशा में प्रेरित करना रहा।

