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*सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी पर महादेवशाल में उमड़ा आस्था का सैलाब*

चाईबासा: सावन के पवित्र महीने के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर सोमवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। जिले के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। नाग पंचमी के कारण मां मनसा की भी पूजा की गई।

जिले में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र गोइलकेरा प्रखंड स्थित महादेवशाल मंदिर बना रहा। जंगल और पहाड़ों के बीच प्राकृतिक वातावरण में स्थित भगवान शिव का यह मंदिर सावन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। पश्चिमी सिंहभूम के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा और बंगाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।

रविवार रात से ही श्रद्धालुओं के महादेवशाल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। सोमवार सुबह मंदिर में पूजा करने के लिए करीब एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। श्रद्धालु कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मंदिर और आसपास के इलाके में हर-हर महादेव, बोल बम और ओम नमः शिवाय के जयकारे गूंजते रहे।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला पुलिस के साथ आरपीएफ और जीआरपी के जवानों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर और आसपास चिकित्सा केंद्र भी बनाए गए। जगह-जगह चाय वितरण और लंगर की व्यवस्था की गई, जिससे दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं हो।

बांग्ला पंचांग के अनुसार यह सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचते रहे।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री सह पूर्व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ महादेवशाल पहुंचे और भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का पवित्र समय है। ऐसे पावन अवसर पर बाबा भोलेनाथ की पूजा करने का अवसर मिला है। उन्होंने भगवान शिव से पश्चिमी सिंहभूम जिले, झारखंड, देश और पूरे विश्व में सुख-शांति की कामना की।

बड़कुंवर गागराई ने मंदिर पहुंचने वाले कांवड़धारियों की सेवा भी की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा करने का अवसर मिलने से मन को शांति मिलती है। कांवड़ियों की सेवा के माध्यम से भगवान भोलेनाथ की भी सेवा हो जाती है। सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के कारण महादेवशाल सहित पूरे क्षेत्र में दिनभर भक्ति का माहौल बना रहा।

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