चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र से जुड़े दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने अभियुक्त गेशो सिंकु को दोषी करार देते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने 13 अगस्त 2026 को मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मामला जगन्नाथपुर थाना कांड संख्या 46/2020 से संबंधित है, जो 31 मई 2020 को दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार उलिहातु निवासी मुकरू सिंकु के पुत्र गेशो सिंकु पर बहला-फुसलाकर युवती के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। शिकायत के आधार पर जगन्नाथपुर थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने जांच के क्रम में उपलब्ध साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र किया और मामले से संबंधित आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। पुलिस की ओर से प्रस्तुत आरोप पत्र के आधार पर मामले का न्यायिक विचारण सत्रवाद संख्या 106/2020 के तहत शुरू हुआ।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम विनोद कुमार सिंह की अदालत में हुई। विचारण के दौरान सामने आए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने गेशो सिंकु को दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाया। इसके बाद अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत उसे आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले के अनुसंधान में साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संग्रह किया गया था और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस की जांच और न्यायालय में हुई सुनवाई के बाद अब मामले में दोषसिद्धि के साथ सजा का फैसला सामने आया है।

