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Wed. Aug 12th, 2026

छात्रों पर दमन के खिलाफ संसद परिसर में एनडीए सांसदों का प्रदर्शन, आदित्य साहू ने राहुल गांधी से मांगा जवाब

नई दिल्ली। झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन और आंदोलनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को संसद भवन परिसर के मकर द्वार पर झारखंड एनडीए के सांसदों ने ओडिशा के सांसदों के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने किया। सांसदों ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन के दौरान कथित पुलिस दमन को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राज्य की हेमंत सोरेन सरकार से जवाब मांगा।

प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए। इन तख्तियों पर झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज, हिंसा, अमानवीयता और कथित अन्याय को लेकर राहुल गांधी से जवाब मांगने वाले संदेश लिखे थे।

आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड में छात्र अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल किया। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान कई बार लाठीचार्ज किया गया और रात के समय भी छात्रों को हटाने के लिए पुलिस कार्रवाई की गई। साहू ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान छात्राओं और मीडिया कर्मियों के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।

उन्होंने कांग्रेस पर झारखंड के छात्रों के मामले में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्रों के मुद्दों को लेकर मुखर रहती है, लेकिन झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से चल रही सरकार के खिलाफ छात्रों पर कार्रवाई होने के बावजूद पार्टी चुप है। साहू ने कहा कि राहुल गांधी को छात्रों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से स्पष्ट बातचीत करनी चाहिए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांग पिछले वर्षों में हुई जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल, उत्पाद सिपाही समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं की जांच सीबीआई से कराने की है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ है तो उसे राज्य सरकार पर उनकी मांगें मानने के लिए दबाव बनाना चाहिए। साहू ने राहुल गांधी से यहां तक कहा कि यदि हेमंत सरकार छात्रों की मांग पूरी नहीं करती है तो कांग्रेस को सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए।

साहू ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आधी रात को प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के पहुंचने तथा आंदोलन स्थल की बिजली काटे जाने के आरोपों को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों को जबरन हटाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। भाजपा नेताओं के मौके पर पहुंचने के बाद प्रशासन के पीछे हटने को उन्होंने सरकार की मंशा का प्रमाण बताया।

उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी। किसी भी स्थिति में युवाओं की आवाज को दबाने नहीं दिया जाएगा। साहू ने चेतावनी दी कि छात्रों के साथ दोबारा किसी तरह की ज्यादती हुई तो भाजपा व्यापक आंदोलन करेगी।

इस मौके पर सांसद निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, बीडी राम, डॉ. प्रदीप वर्मा, चंद्रप्रकाश चौधरी, मनीष जायसवाल, कालीचरण सिंह समेत झारखंड और ओडिशा के कई एनडीए सांसद मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के पक्ष में एकजुटता जताते हुए सरकार से उनकी मांगों पर तत्काल सकारात्मक पहल करने की मांग की।

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