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एसीसी सीमेंट फैक्ट्री बंद करने के विरोध में रमेश बालमुचू का अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम के झींकपानी स्थित अडानी एसीसी सीमेंट फैक्ट्री को बंद होने से बचाने की मांग को लेकर एसीसी बचाओ जनसंघर्ष समिति ने आंदोलन को तेज कर दिया है। समिति के संयोजक रमेश बालमुचू ने सोमवार को जिला मुख्यालय में पुराने उपायुक्त कार्यालय के समीप कोर्ट रोड पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह और भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने फैक्ट्री को बंद करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने और इससे जुड़े लोगों के रोजगार एवं आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

बताया गया कि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से करीब तीन माह पहले आगामी 16 अगस्त से इकाई को स्थायी रूप से बंद किए जाने की सूचना दी गई थी। इसके बाद स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और मजदूरों में नाराजगी बढ़ गई। फैक्ट्री को बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर आंदोलन, पदयात्रा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का सिलसिला भी चलाया गया।

समिति के अनुसार झींकपानी की यह सीमेंट फैक्ट्री करीब 80 वर्षों से क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। ऐसे में फैक्ट्री के बंद होने से क्षेत्र में रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

सत्याग्रह पर बैठे रमेश बालमुचू ने कहा कि फैक्ट्री को बचाने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसी के विरोध में उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्याग्रह की जानकारी प्रशासन को करीब एक सप्ताह पहले दे दी गई थी, इसके बावजूद धरना स्थल पर बैठने में बाधा डाली जा रही है और उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। समिति ने फैक्ट्री बंद होने से रोकने और इससे जुड़े मजदूरों एवं स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल रमेश बालमुचू का सत्याग्रह जारी है और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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