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*लोकतांत्रिक छात्र आंदोलन के दबाव में सरकार की घोषणा, छात्र आंदोलन की आंशिक जीत: AIDSO*

चाईबासा: ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) ने सरकार की हालिया घोषणा को लोकतांत्रिक छात्र आंदोलन की आंशिक जीत बताया है। AIDSO के प्रदेश सचिव सोहन महतो ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि छात्रों के लगातार 14 दिनों तक चले धरना और भूख हड़ताल के दबाव में सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

सोहन महतो ने आंदोलन में शामिल छात्रों, युवाओं, शिक्षाविदों, अभिभावकों और शिक्षा-प्रेमी जनता का अभिनंदन करते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं ने अपने लोकतांत्रिक अधिकारों एवं न्यायपूर्ण मांगों को लेकर जिस दृढ़ता और एकजुटता के साथ आंदोलन किया, उसी का परिणाम है कि सरकार ने मांगों को लेकर घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि केवल घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है। सरकार को अपने वादों को जल्द से जल्द ठोस रूप में लागू करना चाहिए। जब तक घोषित मांगों को वास्तविक रूप से लागू नहीं किया जाता, तब तक छात्रों की मूल समस्याओं का समाधान संभव नहीं होगा।

AIDSO ने शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितता और धांधली के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने की बात कही। संगठन का कहना है कि शिक्षा का निजीकरण और व्यापारीकरण आम छात्रों के शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का संगठन विरोध करेगा।

संगठन ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने, भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं पर तत्काल रोक लगाने तथा सरकारी शिक्षण संस्थानों को पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध कराकर मजबूत करने की मांग की।

AIDSO के कार्यालय सचिव एस. माँझी ने कहा कि संगठन सभी छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा-प्रेमी जनता से शिक्षा में भ्रष्टाचार, निजीकरण एवं व्यापारीकरण के खिलाफ तथा मजबूत, सर्वसुलभ और लोकतांत्रिक सरकारी शिक्षा व्यवस्था की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक एवं मजबूत बनाने का आह्वान करता है।

संगठन ने स्पष्ट किया कि मांगों का वास्तविक समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।

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