गुवा। पश्चिमी सिंहभूम के रांजाबुरु खदान में स्थानीय रोजगार और पूर्व में हुए लिखित समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर सोमवार से जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन के दौरान विवाद गहरा गया। खदान में हाईवा चलाने वाले चालक रविंद्र पासवान और सिद्धांतों जेना ने आंदोलनकारियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। दोनों घायल चालकों को इलाज के लिए सेल गुवा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चालकों का कहना है कि बंदी की जानकारी के बावजूद मां सरला कंपनी के सुपरवाइजर के निर्देश पर वे लौह अयस्क ढुलाई के लिए खदान पहुंचे थे। इसी दौरान महिला-पुरुष आंदोलनकारियों ने डंडे और पत्थर लेकर उन्हें घेर लिया और मारपीट की। कुछ अन्य चालकों को भी दौड़ाने का आरोप लगाया गया है।
इधर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आंदोलनकारी केवल हाईवा का परिचालन रोकने पहुंचे थे। उनके अनुसार चालकों के वाहन से कूदकर भागने के दौरान चोट लगी होगी। पुलिस ने घायल चालकों का बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

