जमशेदपुर। साकची स्थित ऐतिहासिक संस्था उत्कल एसोसिएशन के चुनाव को लेकर रविवार को मतदान शुरू होने से पहले ही विवाद गहरा गया। चुनाव प्रक्रिया के विरोध में विपक्षी सदस्यों ने मतदान केंद्र पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। विपक्षी सदस्यों ने काला बिल्ला लगाकर ‘ब्लैक डे’ मनाया और पोस्टर-बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए चुनाव रोकने की मांग की। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया।
विपक्षी सदस्यों का आरोप है कि उत्कल एसोसिएशन में 109 नए सदस्यों को नियमों के विपरीत शामिल किया गया है और इसी आधार पर उन्हें चुनाव में मतदान का अधिकार दिया जा रहा है। उनका कहना है कि संस्था से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है और न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति सामने आए बिना चुनाव कराना उचित नहीं है। विपक्षी सदस्य अशोक कुमार सावंत ने चुनाव प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक कोर्ट के आदेश की स्पष्ट और प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक वे चुनाव का विरोध करते रहेंगे।
वहीं, उत्कल एसोसिएशन के महासचिव तरुण कुमार मोहंती और चुनाव कराने वाले पक्ष का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद ही जिला प्रशासन और पुलिस की निगरानी में चुनाव कराने की तैयारी की गई है। उनका कहना है कि चुनाव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और निर्धारित कार्यक्रम के तहत मतदान कराया जाना था।
विपक्षी सदस्यों का आरोप है कि मतदान शुरू होने से पहले ही रात में कुछ लोगों ने बूथ में प्रवेश कर चुनाव सामग्री और बैलेट से संबंधित सामान अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद वे मतदान केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि, चुनाव कराने वाले पक्ष की ओर से इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया गया है। विवाद के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित होने की स्थिति पैदा हो गई है।
उत्कल एसोसिएशन के चुनाव को लेकर विवाद नया नहीं है। इससे पहले संस्था की एजीएम के दौरान भी सदस्यों के बीच मारपीट और हंगामे की स्थिति बनी थी। इसके बाद नए सदस्यों को चुनाव में शामिल किए जाने समेत कई मुद्दों को लेकर मामला न्यायालय तक पहुंच गया। अब चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से तनाव बढ़ गया है।
इधर, चुनाव विवाद के बीच झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के निबंधन कार्यालयों के निरीक्षक, कोल्हान प्रमंडल, चाईबासा से संबंधित उप निबंधन महानिरीक्षक श्वेता कुमारी की ओर से 5 अगस्त 2026 को जांच के संबंध में पत्र जारी किया गया है। पत्र में प्रशांत कुमार महती एवं अन्य कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है।
पत्र में कहा गया है कि उत्कल एसोसिएशन के चुनाव समय पर नहीं कराने, सदस्यों को चुनाव की सूचना नहीं देने, कार्यकारिणी बैठक के निर्णय की अवहेलना करने, आमसभा में नियमों की अनदेखी करने, 109 नए सदस्यों को नियम विरुद्ध चुनाव में शामिल करने, नियमावली का उल्लंघन करने तथा अविश्वास प्रस्ताव की अनदेखी किए जाने संबंधी आरोप प्राप्त हुए हैं। उप निबंधन महानिरीक्षक श्वेता कुमारी ने इन आरोपों के आलोक में उत्कल एसोसिएशन की जांच कर एक सप्ताह के अंदर जांच प्रतिवेदन मंतव्य सहित उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
उत्कल एसोसिएशन के चुनाव में 25 कार्यकारिणी सदस्यों के पदों के लिए कुल 53 दावेदार मैदान में हैं। चुनाव में विजयी होने वाले 25 सदस्य बाद में संस्था के अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष का चुनाव करेंगे। चुनाव के लिए 25 मतदान केंद्र बनाए जाने तथा करीब 30 पोलिंग अधिकारियों की नियुक्ति किए जाने की जानकारी दी गई थी। मतदान के लिए प्रत्याशियों को पहले ही पहचान पत्र, सैंपल बैलेट पेपर और अन्य चुनाव सामग्री उपलब्ध कराई गई थी।
फिलहाल चुनाव प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा है। विपक्ष जहां न्यायालय के आदेश और 109 नए सदस्यों की वैधता को लेकर चुनाव पर रोक की मांग कर रहा है, वहीं चुनाव कराने वाला पक्ष न्यायालय के आदेश के आधार पर चुनाव कराने की बात कह रहा है। ऐसे में उत्कल एसोसिएशन का चुनाव अब राजनीतिक और संगठनात्मक विवाद के साथ-साथ कानूनी लड़ाई का रूप लेता नजर आ रहा है।

