जमशेदपुर। झारखंड रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव से मुलाकात कर राज्य के फार्मासिस्टों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से फार्मेसी क्षेत्र से संबंधित नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में पियुस चटर्जी, मानस मुखर्जी, गौरव कुंडू, अमित साहू, बिनय कुमार, गुलाम सरवर, अंगद कुमार महतो, मनिंद्र कुमार और अनूप कुमार शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले झारखंड राज्य फार्मेसी काउंसिल के छह सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की मांग रखी। साथ ही चुनाव के बाद काउंसिल के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, कार्यकारी सदस्यों और स्थायी रजिस्टर से संबंधित चुनाव की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी कराने का आग्रह किया गया।
एसोसिएशन ने राज्य में वर्ष 2015 के फार्मेसी प्रैक्टिस विनियम को लागू करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि इससे फार्मासिस्टों की कार्यप्रणाली को निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा वर्ष 2025 में बनाए गए फार्मासिस्ट नियुक्ति, पदोन्नति एवं सेवा विनियम को भी झारखंड में लागू करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने डिप्लोमा फार्मेसी परीक्षा समिति के पुनर्गठन का मुद्दा भी उठाया। सदस्यों ने कहा कि समिति का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाना जरूरी है, ताकि फार्मेसी की परीक्षा प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित हो सके और विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही राज्य में फार्मेसी निरीक्षक और औषधि निरीक्षक के रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन पदों पर पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति होने से दवा की गुणवत्ता, फार्मेसी संस्थानों की निगरानी और संबंधित नियमों के पालन की व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त सचिव से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई जल्द शुरू करने का आग्रह किया। संयुक्त सचिव ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से रखे गए मुद्दों को सुना और संबंधित मामलों पर विभागीय स्तर पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

