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**महिला कांग्रेस के आंदोलन वापस लेने पर सरयू राय का पलटवार, आंदोलन होता तो कई पुराने मामलों का सच सामने आता : सरयू राय**

जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने महिला कांग्रेस द्वारा उनके खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन वापस लिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी तरह कांग्रेस का आंतरिक मामला है और इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन होता तो उन्हें पिछले कुछ वर्षों के कई घटनाक्रमों और सार्वजनिक बयानों की सच्चाई सामने रखने का अवसर मिलता।

गुरुवार को जारी बयान में सरयू राय ने कहा कि मानगो नगर निगम कार्यालय के समक्ष भ्रष्टाचार विरोधी धरना के दौरान मेयर सुधा गुप्ता को लेकर उनकी टिप्पणी को यदि महिला कांग्रेस अभद्र बताती है, तो यह उनकी समझ और दृष्टिकोण का विषय है। उनका कहना है कि उनकी टिप्पणी की तुलना उन बयानों से की जानी चाहिए, जो कांग्रेस के नेताओं द्वारा समय-समय पर उनके खिलाफ सार्वजनिक मंचों और विभिन्न माध्यमों से दिए गए।

सरयू राय ने कहा कि यदि आंदोलन होता तो वे यह भी बताते कि बीते वर्षों में महिला सम्मान के नाम पर किस तरह राजनीतिक बयानबाजी की गई और किन मामलों में दोहरे मापदंड अपनाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संवेदनशील मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और जांच भी लंबे समय से लंबित है।

उन्होंने तीन वर्ष पहले बिष्टुपुर थाना में दर्ज एक चर्चित मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि आज तक उसकी फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी है और मामला न्यायालय में लंबित है। उनका आरोप है कि सरकार से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों और अभियोजन की सक्रियता अलग-अलग दिखाई देती है।

सरयू राय ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग उन पर अभद्र भाषा का आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपने आचरण और पुराने बयानों का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन करना या उसे वापस लेना महिला कांग्रेस का निर्णय है और इससे उनके राजनीतिक या सार्वजनिक जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

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