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Thu. Jul 30th, 2026

तुईबीर पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर, कानूनी अधिकारों और साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पश्चिमी सिंहभूम और स्थायी लोक अदालत के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को तुईबीर पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। शिविर में पीएलवी हेमराज निषाद, रत्ना चक्रवर्ती, स्थायी लोक अदालत की सदस्य सुभद्रा बेहरा तथा पेशकार शशि सिन्हा ने लोगों को विभिन्न कानूनी अधिकारों और योजनाओं की जानकारी दी।

शिविर में बताया गया कि चाईबासा व्यवहार न्यायालय परिसर में स्थायी लोक अदालत का कार्यालय संचालित है। यहां बिजली, पानी, सड़क, ट्रांसफार्मर सहित अन्य सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित मामलों के समाधान के लिए साधारण आवेदन देकर नि:शुल्क कार्रवाई कराई जा सकती है।

इस दौरान बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। लोगों को बताया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। कम उम्र में विवाह से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वहीं डायन प्रथा को अंधविश्वास बताते हुए कहा गया कि इसके माध्यम से महिलाओं का उत्पीड़न किया जाता है, जिसे रोकने के लिए समाज में जागरूकता जरूरी है।

शिविर में साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। लोगों से अपील की गई कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी न बताएं, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी लालच या प्रलोभन में न आएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। इसके अलावा पुलिस हेल्पलाइन 100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, एंबुलेंस 108 तथा अग्निशमन सेवा 101 की जानकारी भी दी गई।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और कानूनी अधिकारों एवं सरकारी व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

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