Breaking
Tue. Jul 28th, 2026

रात 10 बजे के बाद ही खोलें ट्रेन की मिडिल बर्थ, जानिए क्या कहते हैं रेलवे के नियम

नई दिल्ली। ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों के बीच सीट को लेकर अक्सर विवाद देखने को मिलता है, खासकर मिडिल बर्थ के इस्तेमाल को लेकर। कई बार यात्री दिन के समय ही मिडिल बर्थ खोल देते हैं, जिससे नीचे वाली सीट पर बैठे यात्रियों को असुविधा होती है। इसी तरह की परेशानियों से बचने और सभी यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय रेलवे ने मिडिल बर्थ के उपयोग को लेकर स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं।

रेलवे के नियमों के अनुसार, मिडिल बर्थ का उपयोग केवल रात में सोने के लिए किया जा सकता है। निर्धारित समय के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही मिडिल बर्थ खोलने की अनुमति है। इस अवधि के दौरान मिडिल बर्थ पर आरक्षित यात्री अपनी सीट का उपयोग कर सकते हैं, जबकि सुबह 6 बजे के बाद बर्थ को वापस बंद कर देना चाहिए, ताकि नीचे वाली सीट पर बैठे यात्री आराम से बैठ सकें।

रेलवे का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के दौरान सभी यात्रियों को समान सुविधा मिले और अनावश्यक विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। यदि कोई यात्री निर्धारित समय से पहले मिडिल बर्थ खोलता है या सुबह 6 बजे के बाद भी उसे बंद नहीं करता, तो इससे अन्य यात्रियों को असुविधा हो सकती है। ऐसे मामलों में पहले आपसी सहमति से समस्या का समाधान करने की सलाह दी जाती है। आवश्यकता पड़ने पर ट्रेन में मौजूद टीटीई या रेलवे स्टाफ से भी शिकायत की जा सकती है।

रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और एक-दूसरे की सुविधा का ध्यान रखते हुए यात्रा करें, ताकि सभी का सफर सुरक्षित, आरामदायक और विवाद मुक्त रहे।

Related Post