जमशेदपुर। आजादनगर थाना क्षेत्र स्थित बामनगोड़ा के जाकिरनगर में संचालित केनरा बैंक की कबीर मेमोरियल शाखा में गोल्ड लोन के तहत गिरवी रखे गए करीब 1 करोड़ 10 लाख 48 हजार रुपये मूल्य के सोने के कथित रूप से गायब होने का मामला सामने आया है। बैंक की आंतरिक ऑडिट में अनियमितता उजागर होने के बाद बैंक प्रबंधन ने आजादनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मामले में शाखा के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों समेत दो अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
बैंक के बिष्टुपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के रीजनल मैनेजर मंगेश रामानाथन (एम. रामानाथन) की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि शाखा के लॉकर में गोल्ड लोन के बदले सुरक्षित रखे गए सोने के कई पैकेट जांच के दौरान गायब पाए गए। शिकायत के अनुसार यह कथित गबन 12 जून 2024 से 18 जून 2024 के बीच किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 10 लाख 48 हजार रुपये है।
प्राथमिकी में तत्कालीन सीनियर मैनेजर एवं प्रथम लॉकर इंचार्ज मोहम्मद शाबीर, गोल्ड लोन ऑफिसर इमरान खान, द्वितीय चाबी अधिकारी सूरज टुडू, अधिकारी रिया घोष, तत्कालीन शाखा प्रभारी अनुज टोप्पो तथा दो अज्ञात व्यक्तियों को नामजद आरोपी बनाया गया है। बताया गया है कि वर्तमान में इनमें से कोई भी अधिकारी उक्त शाखा में कार्यरत नहीं है।
जानकारी के अनुसार, बैंक में प्रत्येक तीन महीने पर होने वाली नियमित ऑडिट के दौरान गोल्ड लोन के रिकॉर्ड का लॉकर में सुरक्षित रखे गए सोने से मिलान किया गया। इसी प्रक्रिया में कई पैकेट गायब मिलने पर बैंक प्रबंधन ने विस्तृत आंतरिक जांच शुरू की और इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
आजादनगर थाना प्रभारी चंदन कुमार ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि बैंक की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ भी की गई है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सोना किन परिस्थितियों में गायब हुआ, इसमें किस-किस की भूमिका रही और कथित गबन को किस तरह अंजाम दिया गया।
उधर, बैंक प्रबंधन भी समानांतर रूप से अपनी आंतरिक जांच कर रहा है ताकि वित्तीय अनियमितता के पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। पुलिस जांच और बैंक की आंतरिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

