चाईबासा: जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में नक्सली हिंसा से प्रभावित आश्रितों एवं अनुकंपा के आधार पर नियुक्त 26 नव-नियुक्त कर्मियों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी नव-नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा उनका परिचय प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों की शीघ्र ही विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति की जाएगी। प्रतिनियुक्ति के बाद सभी कर्मी अपने-अपने वरीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए विभागीय कार्यों का समुचित ज्ञान प्राप्त करें।
उपायुक्त ने कहा कि सरकारी सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है। इसलिए प्रत्येक कर्मी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ करना चाहिए। उन्होंने नव-नियुक्त कर्मियों को विभागीय कार्यप्रणाली, कार्यालयीन व्यवस्था, फाइल मूवमेंट, लेखा संधारण, अभिलेख प्रबंधन सहित अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया, ताकि वे भविष्य में अपने दायित्वों का प्रभावी और दक्षतापूर्वक निर्वहन कर सकें।
मनीष कुमार ने कहा कि सीखने की निरंतर इच्छा, समयबद्ध कार्य निष्पादन और सकारात्मक कार्यसंस्कृति ही एक सफल एवं उत्तरदायी सरकारी कर्मी की पहचान है। उन्होंने सभी नव-नियुक्त कर्मियों से अपेक्षा की कि वे शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभाते हुए आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
कार्यशाला के दौरान नव-नियुक्त कर्मियों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सेवा संबंधी दायित्वों और सरकारी व्यवस्था की विभिन्न प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया गया, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सकें।

