चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू स्थित मुर्गापाड़ा में एक 20 वर्षीय युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने से इलाके में शोक की लहर फैल गई। मृतक की पहचान समर प्रसाद के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय संजय प्रसाद का पुत्र था। बताया गया कि समर पिछले कुछ समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित था और रांची स्थित रिनपास में उसका इलाज चल रहा था। परिजनों के अनुसार उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार भी हो रहा था, लेकिन शनिवार दोपहर उसने अपने चाचा के सेल प्रबंधन आवास में फंदा लगाकर जीवन समाप्त कर लिया।
जानकारी के अनुसार घटना शनिवार दोपहर करीब 2:45 बजे की है। उस समय समर के चाचा विनोद प्रसाद किसी काम से हिलटॉप गए हुए थे, जबकि घर पर उनकी पत्नी और समर मौजूद थे। समर ने नहाने की बात कहकर अपनी चाची से कपड़े और गमछा मांगा। चाची कपड़े देकर कुछ देर के लिए पड़ोस चली गईं। इसी बीच समर ने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर कमरे में पंखे से गमछे के सहारे फंदा लगा लिया।
कुछ देर बाद घर के भीतर से आहट नहीं मिलने पर पड़ोसियों और परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा तोड़कर जब वे अंदर पहुंचे तो समर फंदे से लटका मिला। उसे तत्काल नीचे उतारकर सेल अस्पताल, किरीबुरू ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने बताया कि समर के माता-पिता का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बाद उसके चाचा विनोद प्रसाद और चाची ने उसे अपने बेटे की तरह पाल-पोसकर बड़ा किया। उसकी मानसिक बीमारी के इलाज के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे और परिवार को उम्मीद थी कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगा। ऐसे में उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना की सूचना मिलने पर किरीबुरू पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आत्महत्या के कारणों की पड़ताल कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद मुर्गापाड़ा सहित आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि समर को उसके चाचा-चाची ने हमेशा अपने बेटे की तरह स्नेह और देखभाल दी थी, इसलिए उसका यह कदम सभी के लिए बेहद दुखद और अप्रत्याशित है।
मानसिक बीमारी से जूझ रहे युवक ने फंदे से लटककर दी जान, इलाज के बाद भी उठाया दर्दनाक कदम

