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मझगांव घटना की निष्पक्ष जांच और शांति बहाली की मांग, उपायुक्त को सौंपा गया आवेदन

चाईबासा: मझगांव थाना क्षेत्र के प्लस टू उच्च विद्यालय, मझगांव में छात्रों के बीच हुई झड़प को सांप्रदायिक रंग देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से अंजुमन इस्लामिया मझगांव ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। इस संबंध में उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम को एक आवेदन सौंपा गया है।

आवेदन में कहा गया है कि विद्यालय के छात्रों के बीच हुई घटना को कुछ व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा दो समुदायों के बीच संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि मामले में दोनों पक्षों की ओर से नामजद प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है। 14 जुलाई 2026 को मझगांव थाना में शिकायतकर्ता मो. शम्मी द्वारा भी शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले सोशल मीडिया एवं विभिन्न मंचों पर एकतरफा आरोप लगाकर माहौल प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि आदिवासी समुदाय के धार्मिक स्थल “देशाउली” के अपमान का आरोप बिना किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट या प्रमाण के प्रचारित किया जा रहा है, जिससे मुस्लिम समाज आहत है। साथ ही 17 जुलाई 2026 को प्रकाशित एक समाचार के हवाले से पड़सा गांव में आयोजित बैठक में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित भड़काऊ टिप्पणियां, गांवों में प्रवेश पर रोक और मुस्लिम व्यापारियों से खरीद-बिक्री बंद करने जैसे प्रस्तावों पर भी चिंता जताई गई है। आवेदन में कहा गया है कि यदि इस प्रकार की बातें कही गई हैं तो वे संविधान की भावना और सामाजिक सौहार्द के विरुद्ध हैं।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया पर फर्जी समाचार, एआई जनरेटेड फोटो और अपुष्ट सूचनाएं प्रसारित कर धार्मिक एवं सामुदायिक भावनाएं भड़काने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा विद्यालय आने-जाने वाले छात्रों के साथ मारपीट की घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा गया है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होने से अभिभावकों में भय का माहौल है।

आवेदन के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने, छात्रों के साथ मारपीट के दोषियों पर कार्रवाई करने, भड़काऊ भाषण एवं सामाजिक बहिष्कार जैसे मामलों की जांच कराने, सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, विद्यालय आने-जाने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोनों समुदायों के बीच संवाद स्थापित कर शांति बहाल करने की मांग की गई है।

आवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार, अल्पसंख्यक आयोग, झारखंड सरकार, उपायुक्त पश्चिम सिंहभूम, पुलिस उप महानिरीक्षक कोल्हान प्रमंडल, पुलिस अधीक्षक पश्चिम सिंहभूम, अनुमंडल पदाधिकारी जगन्नाथपुर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जगन्नाथपुर तथा थाना प्रभारी मझगांव को भी भेजी गई है।

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