चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 90 दिवसीय विशेष गहन जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के तहत मटकोबेड़ा पंचायत में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सहायक एलएडीसी अधिवक्ता पूजा चौरसिया ने उपस्थित लोगों को नालसा (मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से पीड़ित व्यक्तियों के लिए विधिक सेवा) योजना-2024 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित लोगों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए इस योजना के तहत विभिन्न प्रावधान किए गए हैं।
पूजा चौरसिया ने घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा से संबंधित कानूनों की भी जानकारी देते हुए लोगों से इन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता लेने की अपील की।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र असीमा चटर्जी ने बाल श्रम और पलायन की समस्या पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और बाल श्रम से दूर रखना सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने पलायन की समस्या से बचाव और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी।
मटकोबेड़ा पंचायत की मुखिया माधुरी हेमब्रम ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि पंचायत में प्रत्येक माह की 2 तारीख को नशा मुक्ति अभियान को लेकर जागरूकता बैठक आयोजित की जाती है। उन्होंने लोगों से नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में अधिकार मित्र अल्कामा रूही और अधिकार मित्र उपासना कुमारी रवि भी उपस्थित रहीं। उन्होंने भी ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और विधिक सहायता सेवाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक समस्याओं के प्रति लोगों को सचेत करना था। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लेकर विधिक जानकारी प्राप्त की।

