चाईबासा: अलग झारखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी आंदोलनकारी एवं आजसू नेता दामु बानरा का बुधवार को उनके पैतृक गांव गड़ा राजाबासा में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में झारखंड आंदोलन से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
दामु बानरा के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उनकी स्मृति में 25 जुलाई, शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे चाईबासा के रवींद्र भवन सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें झारखंड आंदोलन से जुड़े साथी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम लोग शामिल होंगे।
अंतिम संस्कार में झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री दीपक बिरुवा, विधायक दशरथ गागराई, पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा, प्रभाकर तिर्की, रतन तिर्की, ललित महतो, पूर्व मंत्री रामचंद्र, हिटलर सुंबरुई, आसमान सुंडी, काबू दत्ता, जॉन तुबिद, सांकी बानरा, ज्वाला कोड़ा, अजय महतो सहित बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर काबू दत्ता ने कहा कि दामु बानरा ने अलग झारखंड राज्य के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा झारखंड की पहचान, अधिकार और लोगों के हितों के लिए संघर्ष करते हुए बिताया। उन्होंने कहा कि दामु बानरा का निधन झारखंड आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, विचार और समाज के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।
अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आंदोलनकारी को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि दामु बानरा के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है, ताकि झारखंड आंदोलन के इतिहास और उसमें उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी जान सकें। 25 जुलाई को आयोजित होने वाली श्रद्धांजलि सभा में उनके जीवन, संघर्ष और योगदान को विस्तार से याद किया जाएगा।

