जमशेदपुर। एमजीएम थाना क्षेत्र के जयपाल कॉलोनी से बालीगुमा टंकी तक पेयजल पाइपलाइन बिछाने के दौरान करंट लगने से जान गंवाने वाले मजदूर चेतन यादव के परिजनों को आखिरकार 10 लाख रुपये का मुआवजा रविवार को प्रदान कर दिया गया। ठेकेदार की ओर से एक लाख रुपये नकद तथा छह लाख और तीन लाख रुपये के दो चेक मृतक के परिवार को सौंपे गए। मुआवजा वितरण गिरिडीह से आए जनप्रतिनिधियों और स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
मृतक चेतन यादव गिरिडीह जिले के पेशम पंचायत अंतर्गत पेशम गांव के निवासी थे। मुआवजा राशि के वितरण के लिए उनकी पत्नी कौशल्या देवी और दोनों पुत्रों को लेकर पेशम पंचायत की मुखिया रागिनी सिंहा के प्रतिनिधि मनीष सिंह जमशेदपुर पहुंचे। इस दौरान पूर्व मुखिया गोपाल प्रसाद वर्मा तथा गद्दी पंचायत की मुखिया गुलाबती देवी के पति दिनेश यादव भी मौजूद रहे। सभी की उपस्थिति में मृतक की दोनों पत्नियों के परिवार के बीच आपसी सहमति से मुआवजा राशि का वितरण कराया गया।
बताया गया कि मुआवजा दिलाने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) के नेताओं और विधायक सरयू राय के प्रतिनिधियों ने ठेकेदार पर लगातार दबाव बनाया। इस पहल में जदयू के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, विधायक प्रतिनिधि पप्पू सिंह, बिकास साहनी, पिंटू सिंह, दिनेश कुमार और बीरू सिंह समेत अन्य लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
जानकारी के अनुसार, सुबह बगोदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विनोद सिंह ने विधायक सरयू राय से फोन पर बातचीत कर बताया कि मृतक अत्यंत गरीब परिवार से था और सरकारी लापरवाही व कार्यस्थल की परिस्थितियों के कारण उसकी मौत हुई है। उन्होंने मुआवजा दिलाने में सहयोग का आग्रह किया। उस समय सरयू राय पटना में थे, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिनिधियों और जदयू पदाधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया तथा मुआवजा मिलने तक पूरे मामले की लगातार जानकारी लेते रहे।
मुआवजा राशि मिलने के बाद मृतक के परिजन और उनके साथ आए प्रतिनिधि गिरिडीह स्थित अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए।

