जमशेदपुर: साकची स्थित गुरुद्वारा साहिब में रविवार, 12 जुलाई को प्रातःकालीन ‘आसा की वार’ कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, साकची द्वारा अमृतवेला परिवार के सहयोग से आयोजित यह आध्यात्मिक समागम सुबह 4:30 बजे से 6:30 बजे तक गुरुद्वारा परिसर में संपन्न होगा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के प्रभात बेला में इस पावन आयोजन में शामिल होने की संभावना है।
इस अवसर पर अमृतवेला परिवार का गुरसिख कीर्तनी जत्था गुरबाणी एवं शबद कीर्तन की प्रस्तुति देगा। अमृतवेला में आयोजित होने वाला यह कीर्तन दरबार सिख परंपरा के अनुरूप नाम सिमरन, गुरु भक्ति और आध्यात्मिक शांति का संदेश देगा।
आयोजन को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान निशान सिंह ने संगत से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि ‘आसा की वार’ केवल एक कीर्तन नहीं, बल्कि गुरबाणी के माध्यम से आत्मिक जागृति का अवसर है। उन्होंने कहा कि व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर प्रभात बेला में गुरु घर पहुंचकर गुरबाणी का श्रवण करना प्रत्येक श्रद्धालु के लिए आध्यात्मिक अनुभव होता है।
महासचिव परमजीत सिंह काले ने कहा कि इस तरह के धार्मिक समागम समाज में आध्यात्मिक चेतना, आपसी प्रेम और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि कीर्तन दरबार के दौरान श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष अनुभव प्राप्त होगा।
कीर्तन दरबार के समापन पर अरदास के बाद संगत के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर इस पावन आयोजन का लाभ उठाने की अपील की है।

