चाईबासा: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक राधे सुम्ब्रुई की 33वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री बड़कुँवर गागराई ने कहा कि राधे सुम्ब्रुई एक ऊर्जावान और संघर्षशील नेता थे। उन्होंने छात्र जीवन से लेकर राजनीतिक जीवन तक छात्रों, युवाओं और समाज के हितों के लिए लगातार संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि राधे सुम्ब्रुई का राजनीतिक जीवन वर्ष 1985 में चाईबासा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रथम विधायक बनने के साथ शुरू हुआ। आज देश में भाजपा की सरकार चल रही है और कई राज्यों में भी भाजपा की सरकार है, लेकिन आदिवासी कोल्हान क्षेत्र में जन-जन तक भाजपा का झंडा बुलंद करने और पार्टी की पहचान बनाने का श्रेय राधे सुम्ब्रुई को जाता है। विधायक रहते हुए उन्होंने क्षेत्र के विकास और विशेष रूप से छात्र-छात्राओं की समस्याओं को प्राथमिकता दी। कोल्हान विश्वविद्यालय की स्थापना की नींव रखने और पीजी सेंटर खुलवाने की पहल में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बड़कुँवर गागराई ने बताया कि पहले टाटा कॉलेज के छात्र-छात्राओं को बस से कॉलेज आने-जाने के लिए किराया देना पड़ता था, लेकिन उनके प्रयास से विद्यार्थियों को बस किराये में छूट की सुविधा मिली। उन्होंने आदिवासी हो समाज के विकास, समाज भवन के निर्माण और खेलकूद को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि 8 जुलाई 1993 को असामाजिक तत्वों ने राधे सुम्ब्रुई की हत्या कर दी थी। उनकी हत्या भाजपा के लिए बड़ी क्षति थी, क्योंकि पार्टी ने एक जनप्रिय और कद्दावर नेता को खो दिया था।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष संजय पांडे, पूर्व जिला महामंत्री प्रताप कटिहार महतो, हेमंत केसरी, रूप सिंह दास, भाजपा नगर अध्यक्ष राकेश पोद्दार, भाजपा नगर महामंत्री रोहित दास, कर्मवीर पासवान, राकेश शर्मा उर्फ बबलू, दुनिया कुंभार, जितेंद्र नाथ ओझा, रंजन प्रसाद, राजश्री बानरा, भूषण पाठ पिंगुवा, चंद्रमोहन तियु सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

