जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के बाहर हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच में जमशेदपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। मामले की जांच कर रही विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक (नाबालिग) को निरुद्ध किया गया है। इन गिरफ्तारियों के साथ अब तक इस हत्याकांड में कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले पांच नामजद आरोपियों को जेल भेजा जा चुका था।
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बिरसानगर निवासी एवं डीडी बार का मैनेजर विजय महानंद (42 वर्ष), धतकीडीह निवासी लखिन्द्र लोहार (20 वर्ष) तथा गम्हरिया थाना क्षेत्र के धतकीडीह निवासी जगदीश मंडल उर्फ रोहन उर्फ मुर्गा (24 वर्ष) शामिल हैं। इसके अलावा मामले में शामिल एक नाबालिग को भी नियमानुसार निरुद्ध किया गया है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी जगदीश मंडल ने मुख्य आरोपियों को घटना के बाद फरार होने, छिपने के लिए वाहन उपलब्ध कराने तथा हत्या में प्रयुक्त हथियारों को छिपाने में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, विजय महानंद की भूमिका की भी जांच के दौरान पुष्टि होने पर उसे बिरसानगर स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया।
एसआईटी ने गिरफ्तार आरोपी लखिन्द्र लोहार और निरुद्ध नाबालिग की निशानदेही पर धतकीडीह स्थित ठिकाने पर छापेमारी कर हत्या में इस्तेमाल किए गए कई घातक हथियार बरामद किए। बरामद सामान में एक लोहे का चापड़, एक कुल्हाड़ी, एक भुजाली, एक बड़ा लोहे का चाकू, आठ लोहे के पंच, एक स्टील की गुप्ती, हीरो कंपनी की मोटरसाइकिल (जेएच-05ईएच-7980) तथा पांच मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल वारदात में किया गया था।
गौरतलब है कि 27 जून 2026 की रात डीडी बार के अंदर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह का विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा एवं उसके साथियों से विवाद हुआ था। विवाद के बाद बाउंसरों ने दोनों पक्षों को बाहर निकाल दिया। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और हिमांशु सिंह व उसके साथी को सुरक्षा के लिए पुलिस वाहन में बैठा लिया। आरोप है कि इसके बावजूद हमलावरों ने पुलिस वाहन से दोनों को उतारकर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में बिष्टुपुर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर एसआईटी लगातार जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

