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Wed. Jul 1st, 2026

डीडी बार हत्याकांड के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन, जमशेदपुर के SSP पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की SP निधि द्विवेदी हटाई गई

जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुए चर्चित चाकूबाजी कांड और करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की मौत के बाद झारखंड सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडेय तथा उनकी पत्नी सरायकेला-खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पदों से हटाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि दोनों अधिकारियों को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध (Associated) किया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित जिलों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि कोल्हान प्रमंडल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसके लिए चाईबासा के आयुक्त और रांची के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) को क्षेत्र में लगातार कैंप करने तथा प्रतिदिन हालात की समीक्षा कर सरकार को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। सरकार का कहना है कि अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग की मजबूती और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

गौरतलब है कि बीते दिनों जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुई चाकूबाजी की घटना में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। इस घटना के बाद पूरे शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, पुलिस की जवाबदेही तय करने और कानून-व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किए थे।

इस बीच जिला प्रशासन ने भी मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए डीडी बार को सील कर दिया है। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हटाए जाने को राज्य सरकार की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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