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केरला पब्लिक स्कूल, कदमा में देशभक्ति के उत्साह के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस

जमशेदपुर: केरला पब्लिक स्कूल कदमा में शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव की भावना के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए देश की एकता और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया।

समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि श्रेय साव, CFA के हाथों राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या शर्मिला मुखर्जी ने अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में विद्यालय के संगीत दल ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। हाई स्कूल की छात्रा तपस्या अधिकारी ने अंग्रेजी में भाषण देते हुए भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता की जीवंत भावना पर अपने विचार रखे। इसके बाद विद्यार्थियों ने समूह नृत्य के माध्यम से एकता, उत्साह और देशभक्ति की भावना को प्रस्तुत किया।

समारोह में प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों पर आधारित झांकी भी प्रस्तुत की गई। झांकी के जरिए उन वीर पुरुषों और महिलाओं के योगदान को याद किया गया, जिनके साहस, त्याग और संकल्प ने देश की स्वतंत्रता की राह को मजबूत किया।

प्रोजेक्ट स्कूल के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। श्रेया कुमारी ने हिंदी में भाषण प्रस्तुत कर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और अदम्य साहस को रेखांकित किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने समूह नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसने समारोह में देशप्रेम और उत्साह का माहौल और गहरा कर दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्रेय साव ने विद्यार्थियों में देशभक्ति और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने के लिए विद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान का इतिहास महाभारत और हड़प्पा सभ्यता के दौर तक जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को देश के प्राचीन इतिहास और उपलब्धियों से परिचित होने के साथ-साथ वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ने की सीख दी।

उन्होंने गुरुकुल परंपरा के महत्व का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से अतीत की अच्छी परंपराओं को सहेजने, प्रगति को अपनाने और समय के साथ अप्रासंगिक हो चुकी सामाजिक मान्यताओं पर सवाल उठाने का आह्वान किया।

समारोह का समापन हेडमिस्ट्रेस अलमेलुरविशंकर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि, गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार जताया। अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के बीच मिठाइयों का वितरण किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर राष्ट्रीय गौरव, उत्साह और देशभक्ति की भावना से सराबोर रहा।

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