चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस ने गौवंश तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग क्षेत्रों से कुल 98 गोवंश को सुरक्षित बरामद किया है। झींकपानी प्रखंड के कैलेंड गांव और सिंहपोखरिया रेलवे स्टेशन क्षेत्र के टूटूगुटु गांव में मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई में तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। हालांकि पुलिस की दबिश के दौरान तस्कर अंधेरे और स्थानीय परिस्थितियों का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहे।
पहली कार्रवाई झींकपानी थाना क्षेत्र के कैलेंड गांव में की गई। बजरंग दल के पदाधिकारियों से सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी राजीव रंजन के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर गाय, बैल और बछड़ों सहित करीब 50 गोवंश को बरामद किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सभी पशुओं को बेहद खराब परिस्थितियों में रखा गया था और उन्हें एक साथ जिले से बाहर तस्करी के लिए भेजने की तैयारी चल रही थी। पुलिस के पहुंचते ही तस्कर मौके से फरार हो गए।
थाना प्रभारी राजीव रंजन ने बताया कि बरामद सभी मवेशियों को सुरक्षित चाईबासा की गौशाला पहुंचाया गया है, जहां पशु चिकित्सकों की निगरानी में उनके इलाज और चारे की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और पूरे तस्करी नेटवर्क की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में सिंहपोखरिया रेलवे स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत टूटूगुटु गांव में भी गौवंश की संदिग्ध आवाजाही की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई की। स्थानीय ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से कुल 48 गौवंश को तस्करों के कब्जे से सुरक्षित मुक्त कराया गया। यहां भी पुलिस की कार्रवाई के दौरान तस्कर भाग निकलने में सफल रहे।
प्रशासन ने बताया कि सभी पशुओं को पहले गौशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन गौशाला की सीमित क्षमता को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कुछ गोवंश की देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय ग्रामीणों को सौंपी गई है, ताकि उनके भोजन, पानी और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था बनी रहे।
घटना के बाद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने गौ तस्करी में शामिल लोगों की शीघ्र गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना आवश्यक है।
पुलिस और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी गौ तस्करी या किसी अन्य अवैध गतिविधि की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को अवगत कराएं। अधिकारियों ने कहा कि जनता के सहयोग से ही इस प्रकार के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।

