चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में 28 जून को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पोलियो टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अभियान की तैयारियों की समीक्षा को लेकर उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ सभी प्रखंडों के प्रशासनिक एवं चिकित्सा पदाधिकारी शामिल हुए और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखना केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन, विभिन्न विभागों और आम नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि इस बार जिले के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 2,41,301 बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे जिले में 2,329 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जबकि अभियान की निगरानी के लिए 423 सुपरवाइजरों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी बूथों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और टीकाकरण दल तैनात रहेंगे।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अभियान के पहले दिन अधिकतम बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहिया, एएनएम और अन्य फील्ड कर्मियों को घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने तथा माइक्रोप्लान के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से दुर्गम क्षेत्रों, दूरस्थ गांवों तथा प्रवासी एवं घुमंतू परिवारों के बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों और चिकित्सा पदाधिकारियों को बूथों का नियमित निरीक्षण करने, टीकाकरण दलों की उपस्थिति की निगरानी करने तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने अभिभावकों से अपील की कि वे 28 जून को अपने 0 से 5 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को निकटतम पोलियो बूथ या आंगनबाड़ी केंद्र लेकर अवश्य जाएं। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे को पहले भी पोलियो की खुराक मिल चुकी है, तब भी राष्ट्रीय अभियान के दौरान अतिरिक्त खुराक दिलाना आवश्यक है, क्योंकि हर बार दी जाने वाली दो बूंद बच्चों की प्रतिरक्षा को और मजबूत बनाती है।
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही पश्चिमी सिंहभूम को हमेशा के लिए पोलियो मुक्त बनाए रखा जा सकता है।

