चाईबासा: झारखंड पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान ऑपरेशन नवजीवन-II के तहत आत्मसमर्पण करने वाले 16 नक्सलियों में से 14 पूर्व नक्सलियों का मंगलवार को सदर अस्पताल, चाईबासा में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के निर्देश पर एएसपी सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी तथा अपर पुलिस अधीक्षक राहुल देव बड़ाईक की मौजूदगी में मेडिकल प्रक्रिया पूरी कराई गई।
सदर अस्पताल में मेडिकल कराने वालों में इतवारी हांसदा, गूंगा मुंडा, सुमित्रा पूर्ति, मांगरा मरांडी, मुन्नी सुरीन, रंगा लोहार, गुना हांसदा, शनिचरी कुमारी मुर्मू, कोरमी देवी और संतोष मुंडा सहित कुल 14 नक्सली शामिल हैं।
झारखंड पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंगलवार को ऑपरेशन नवजीवन-II के तहत भाकपा (माओवादी) संगठन के कोल्हान, सारंडा और लातेहार क्षेत्र में सक्रिय कुल 16 नक्सली कमांडर एवं दस्ता सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों को 11 हथियार और 1,562 गोलियां भी सौंपीं।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में एक रीजनल कमेटी सदस्य (आरसीएम), तीन जोनल कमेटी सदस्य (जेडसीएम), तीन सब-जोनल कमेटी सदस्य (एसजेडसीएम), छह एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) तथा तीन दस्ता सदस्य शामिल हैं। इनमें 11 पुरुष और पांच महिलाएं हैं। सभी भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर तथा केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल की टीम से जुड़े थे और कोल्हान, सारंडा तथा लातेहार के क्षेत्रों में सक्रिय थे।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ (कोबरा) और झारखंड जगुआर द्वारा संयुक्त अभियान लगातार चलाया जा रहा है। झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, संगठन के भीतर शोषण तथा सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि इसी दस्ते के आठ अन्य नक्सली कमांडर एवं सदस्य छत्तीसगढ़ में भी आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में हैं। वर्ष 2026 में अब तक 93 नक्सलियों की गिरफ्तारी, 45 नक्सलियों के आत्मसमर्पण और 22 नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस ने शेष नक्सलियों से भी हिंसा छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है।

