जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में शुक्रवार रात एक गंभीर घटना होते-होते टल गई। मेडिसिन वार्ड में भर्ती एक मरीज ने अस्पताल की चौथी मंजिल की खिड़की से बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन उसी वार्ड में भर्ती एक अन्य मरीज की सतर्कता और साहसिक प्रयास से उसकी जान बच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धालभूमगढ़ प्रखंड के ऊपरसोली गांव निवासी 52 वर्षीय सुफल सिंह बीते 17 जून से सर्दी, बुखार और शरीर में खिंचाव की शिकायत के कारण एमजीएम अस्पताल में उपचाराधीन थे। शुक्रवार शाम उन्हें मेडिसिन वार्ड पार्ट-टू के बेड संख्या 451 पर भर्ती किया गया था। रात के समय अचानक उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति असामान्य प्रतीत होने लगी। इसी दौरान वे वार्ड की खिड़की तक पहुंच गए और बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। देखते ही देखते उन्होंने अपने शरीर का बड़ा हिस्सा खिड़की के बाहर निकाल लिया, जिससे वार्ड में मौजूद मरीजों और परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
घटना के समय बेड संख्या 453 पर भर्ती बर्मामाइंस निवासी बलबीर पांडे की नजर सुफल सिंह पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बिना देर किए दौड़कर उन्हें पकड़ लिया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने सुफल सिंह को सुरक्षित भीतर खींच लिया। खिड़की के बाहर बने छज्जे ने भी उन्हें संभालने में मदद की, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल के सुरक्षा कर्मी और चिकित्सक तत्काल वार्ड पहुंचे। मरीज की स्थिति का आकलन किया गया और आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी शुरू की गई। अस्पताल प्रशासन ने भी पूरे मामले पर नजर रखते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।
परिजनों के अनुसार, सुफल सिंह पिछले दो दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थे। बीमारी के कारण उन्होंने पर्याप्त भोजन भी नहीं किया था, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। परिजनों का कहना है कि शारीरिक कमजोरी और बीमारी के कारण वे मानसिक रूप से भी परेशान दिखाई दे रहे थे।
घटना के बाद चिकित्सकों ने मरीज की विस्तृत जांच की। बाद में परिजनों की सहमति के आधार पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वहीं, समय रहते हस्तक्षेप कर मरीज की जान बचाने वाले बलबीर पांडे की तत्परता और साहस की अस्पताल में मौजूद लोगों ने जमकर प्रशंसा की।

