Breaking
Thu. Jun 11th, 2026

खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की सचिव राजेश कुमार शर्मा ने की समीक्षा, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर*

चाईबासा: खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में विभागीय योजनाओं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुनीला खलको, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, एजीएम, डीएसडी एजेंसी के प्रतिनिधि, जनवितरण प्रणाली दुकानदार और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा से हुई। सचिव राजेश कुमार शर्मा ने जिले में खाद्यान्न उठाव, परिवहन, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह निर्धारित समय से पहले अगले माह के खाद्यान्न का उठाव और घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक में ग्रीन राशन कार्ड योजना, चना, दाल और नमक वितरण, धोती-साड़ी-लूंगी वितरण योजना सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई। सचिव ने पात्र परिवारों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने पर जोर दिया।

राशन कार्ड प्रबंधन और सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए उन्होंने संदिग्ध आधार संख्या, ई-केवाईसी से वंचित लाभुकों, डुप्लीकेट राशन कार्ड और अन्य विसंगतियों की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को योजना का लाभ मिले और अपात्र लोगों को सूची से हटाया जाए

बैठक के दौरान बेहतर कार्य करने वाले लाभुकों और हितधारकों को सम्मानित किया गया। सचिव एवं उपायुक्त के हाथों 10 ग्रीन राशन कार्डधारियों को सांकेतिक रूप से राशन कार्ड प्रदान किया गया। वहीं 10 वृद्ध एवं जरूरतमंद परिवारों को धोती, साड़ी और लूंगी दी गई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बेहतर सेवा देने वाले 36 पीडीएस दुकानदारों को प्रशस्ति पत्र, कुकर, गमछा, टी-शर्ट और छाता देकर सम्मानित किया गया।

दाल-भात केंद्रों के बेहतर संचालन और जनसेवा में योगदान देने वाले संचालकों को भी सम्मानित किया गया। इसके अलावा दो जनवितरण प्रणाली विक्रेताओं के निधन के बाद उनके परिजनों को अनुकंपा के आधार पर राशन वितरण लाइसेंस प्रदान किया गया।

सचिव राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास कर रहा है। जनवितरण प्रणाली दुकानदार सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने दुकानदारों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।

बैठक में उपायुक्त मनीष कुमार ने प्रत्येक माह की 8 और 24 तारीख को आयोजित होने वाले “आहार दिवस” की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की समीक्षा, लाभुकों की शिकायतों का समाधान और योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। सचिव ने इस पहल की सराहना की।

बैठक के बाद सचिव राजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में पश्चिमी सिंहभूम को नशा मुक्त जिला बनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

आहार दिवस और नशा मुक्ति अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए गुब्बारे उड़ाकर अभियान की शुरुआत की गई तथा प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं, आहार दिवस और नशा मुक्ति अभियान के प्रति जागरूक करेगा।

इसके बाद सचिव ने सदर चाईबासा प्रखंड परिसर स्थित दाल-भात केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और संचालन व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद एसएफआई गोदाम का निरीक्षण कर खाद्यान्न भंडारण और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की।

अंत में सचिव ने मतकमहातु पंचायत भवन में चल रहे सुदृढ़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया और गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान खाद्य सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी वितरण व्यवस्था और लाभुकों तक समय पर सेवाएं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

Related Post