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Fri. Jun 5th, 2026

सच्चे मन से लिया गया प्रभु का नाम घोर पापों को भी कर सकता है नष्ट : सीताराम शास्त्री

बिष्टुपुर सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में भागवत कथा के तीसरे दिन अजामिल उद्धार, प्रह्लाद चरित्र और नरसिंह अवतार की महिमा का हुआ वर्णन

जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन शुक्रवार को कथा वाचक भागवत-भूषण सीताराम शास्त्री ने अजामिल उद्धार, भक्त प्रह्लाद चरित्र और भगवान नरसिंह अवतार के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा, क्षमा और अनन्य भक्ति की शक्ति का संदेश देने वाली ये कथाएं मानव जीवन को धर्म, सत्य और ईश्वर-विश्वास के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।

कथा के दौरान सीताराम शास्त्री ने कहा कि सच्चे मन से लिया गया प्रभु का नाम घोर पापों का भी नाश कर सकता है। उन्होंने बताया कि भागवत के विभिन्न चरित्र भक्ति, वैराग्य और आत्मसमर्पण की अद्भुत मिसाल हैं। ध्रुव ने कठोर तपस्या के बल पर भगवान विष्णु को प्रसन्न कर अमर स्थान प्राप्त किया, जड़ भरत ने वैराग्य का आदर्श प्रस्तुत किया और प्रह्लाद ने विपरीत परिस्थितियों में भी अटूट भक्ति का परिचय दिया। वहीं, अजामिल ने जीवन के अंतिम क्षणों में भगवान के नाम का स्मरण कर मोक्ष प्राप्त किया।

प्रह्लाद चरित्र का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि यह कथा धर्म और अधर्म के संघर्ष की प्रतीक है। हिरण्यकशिपु द्वारा अनेक यातनाएं दिए जाने के बावजूद प्रह्लाद की भक्ति कभी डगमगाई नहीं। अंततः भगवान नरसिंह खंभे से प्रकट हुए और हिरण्यकशिपु का वध कर अपने भक्त की रक्षा की। यह प्रसंग दर्शाता है कि सच्चे भक्त की रक्षा के लिए ईश्वर स्वयं अवतरित होते हैं।

अजामिल की कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भागवत पुराण की यह कथा इस सत्य को स्थापित करती है कि भगवान के नाम का स्मरण व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन ला सकता है और उसे मोक्ष का मार्ग प्रदान कर सकता है।

ध्रुव चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि अटूट निष्ठा, दृढ़ संकल्प और एकाग्रता के बल पर ध्रुव ने भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त की तथा ध्रुव तारे के रूप में अमरत्व हासिल किया। यह कथा जीवन में लक्ष्य के प्रति समर्पण और साधना के महत्व को रेखांकित करती है।

कथा के दौरान मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से गुंजायमान रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।

आयोजकों ने बताया कि कथा के चौथे दिन शनिवार को वामन अवतार, राम जन्म और कृष्ण जन्मोत्सव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों की व्याख्या की जाएगी। सात दिवसीय इस भागवत कथा का आयोजन सामाजिक एवं धार्मिक संस्था सोनारी भजन संध्या की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। 3 जून से प्रारंभ हुई कथा का समापन 9 जून को होगा।

शुक्रवार को यजमान के रूप में निर्मला अग्रवाल-श्रवण अग्रवाल, सरिता अग्रवाल-संजय अग्रवाल, रजनी मित्तल, बीना अग्रवाल-संतोष अग्रवाल, मंजू मुसद्दी-अजय मुसद्दी, बीना शर्मा-मनोज शर्मा तथा कृष्णा अग्रवाल-राजेंद्र अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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