सेन्हा-लोहरदगा: परिवारिक विवाद मामला में पत्नी द्वारा लगया गया आरोप के तहत न्यायालय ने संज्ञान ले पति को भरण पोषण भत्ता मुहैया कराने का निर्देश जारी होने पर पति द्वारा पालन नही करने पर तथा न्यायालय के आदेश का उलंघन करने पर पति को जेल जाना पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के नीचे तुरियाडी से जुड़ा है। विदित हो कि पति-पत्नी के बीच वर्षों पूर्व से चल रहे विवाद मामला में न्यायालय द्वारा सुनवाई करते हुए भरण-पोषण भत्ता की निर्धारित राशि तय किया गया था। परंतु भरण पोषण भत्ता नहीं देने के मामले में पति को सेन्हा पुलिस ने न्यायालय के आदेशानुसार गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया। गौरतलब हो कि मामला कांड संख्या ओ एम सी 59/23 तथा एम आई एस सी 50/24 से संबंधित है। बताया जाता है कि तुरियाडीह गांव निवासी स्वर्गीय बिरसा उराँव के 42 वर्षीय पुत्र बलराम उराँव के साथ इसकी पत्नी का पारिवारिक विवाद चल रहा था। जिसको लेकर पत्नी ने पति के ऊपर न्यायालय में मामला दर्ज कराते हुए न्याय का गुहार लगया गया था। जिसकी सुनवाई करते हुए बलराम उराँव को सालाना भरण पोषण हेतु उचित राशि देने का निर्देश जारी किया गया था। इस मामला में बलराम उराँव का कहना था कि निर्धारित राशि का भुगतान करना मुश्किल नही था। परंतु पत्नी का व्यवहार सही रहता और अपने मायके या ससुराल में अलग रहती तो न्यायालय द्वारा जारी आदेश का पालन हो सकता था। लेकिन मेरी पत्नी किसी अन्य के साथ परिवारिक संबंध बना कर रह रही है। जिसको लेकर न्यायालय द्वारा जारी आदेश का उलंघन हुआ है। बताते हुए कहा कि इससे बेहतर है कि जेल ही भेज दिया जाए। इधर बलराम उराँव के खिलाफ उसकी पत्नी ने न्यायालय के माध्यम से सेन्हा थाना में मामला दर्ज करवाई थी। जिसके आलोक में थाना प्रभारी नीरज झा के निर्देश पर एस आई दयानन्द सरस्वती ने न्यायालय के आदेश का उलंघन होने के मामला में गिरफ्तार किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि बुधवार को डिस्ट्रेस वारंटी को गिरफ्तार कर मेडिकल जांचोपरांत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर लोहरदगा जेल भेज दिया गया।

