चाईबासा: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर महिला कॉलेज, चाईबासा में 4 जून 2026 को एक वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं एवं फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वेबिनार का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा व्यवहारिक उपायों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करना था।
वेबिनार की मुख्य वक्ता अन्वेषा पांडा, सहायक पर्यावरण वैज्ञानिक (वायु प्रयोगशाला), राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ओडिशा तथा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, ओडिशा सरकार से थीं। उन्होंने वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण के कारणों, इनके मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों तथा प्रदूषण नियंत्रण के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वेस्ट मैनेजमेंट, रिसाइक्लिंग, ऊर्जा संरक्षण और वृक्षारोपण जैसे उपायों को अपनाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने किया। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सितेंद्र रंजन सिंह ने वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण सहित विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों और उनके दूरगामी प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने इन समस्याओं को कम करने के लिए व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विभागाध्यक्ष मोबारक करीम हाशमी ने सभी प्रतिभागियों से पर्यावरण के प्रति सजग रहने और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।
वहीं, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अर्पित सुमन ने छात्रों से पौधारोपण करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि स्थानीय हरियाली और जैव विविधता को बढ़ावा मिल सके।
वेबिनार में कॉलेज के सेमेस्टर-1 और सेमेस्टर-2 के लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी तथा उन्हें दैनिक जीवन में पर्यावरण हितैषी व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरणा मिली।

