Breaking
Sun. Aug 2nd, 2026

ऑपरेशन ‘नन्हे फरिश्ते’ की सफलता: रांची रेलवे स्टेशन से दो लापता नाबालिग बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू

रांची: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रांची मंडल की विशेष पहल “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत रांची रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग बालकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। दोनों बच्चे संदिग्ध अवस्था में स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर बैठे मिले, जिन्हें आरपीएफ की सतर्क टीम ने संयुक्त गश्त के दौरान अपने संरक्षण में लिया।

पूछताछ और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बच्चों की पहचान एल्विन जोजो (10 वर्ष) और अश्मित जोजो (11 वर्ष) के रूप में हुई। दोनों सिमडेगा जिले के महाबुआंग थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम एल्ला के निवासी हैं। काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने बताया कि परिवार की डांट-फटकार से नाराज होकर वे घर छोड़कर बानो स्टेशन से ट्रेन संख्या 18309 में सवार होकर रांची पहुंच गए थे।

आरपीएफ ने दोनों बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखते हुए उन्हें भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों नाबालिगों को आगे की देखभाल और आवश्यक कार्रवाई के लिए चाइल्डलाइन, रांची के पर्यवेक्षक को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया।

इस सफल रेस्क्यू अभियान में आरपीएफ रांची मंडल की “नन्हे फरिश्ते” टीम की उपनिरीक्षक सुशीला बराइक, स्टाफ पी. पान, सोनाली शर्मा, छोटी बाई मीणा तथा आरपीएफ पोस्ट रांची के डी.पी. सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरपीएफ ने कहा कि ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” का उद्देश्य रेलवे परिसरों में भटके, लापता अथवा संकट में फंसे बच्चों को सुरक्षित बचाकर उन्हें उनके परिवार या संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाना है।

Related Post