चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के खंडखोरी गांव में अंधविश्वास की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां 47 वर्षीय महिला शुरू गोप की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल है।
जानकारी के अनुसार रविवार रात शुरू गोप अपने घर में छोटे बच्चों के साथ मौजूद थीं। उनके पति देवेंद्र गोप और परिवार के अन्य सदस्य ओडिशा के गेरेया मंजर गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इसी दौरान गांव का रहने वाला पुडुवा सिंकू उर्फ चौके उनके घर पहुंचा। बच्चों के अनुसार आरोपी ने हड़िया पिलाने के बहाने महिला को अपने साथ बुलाया। कुछ समय बाद बच्चों ने महिला की चीख सुनाई दी, लेकिन भय के कारण वे घर के अंदर ही बंद होकर छिपे रहे।
रात करीब 11 बजे जब परिवार के सदस्य घर लौटे तो शुरू गोप वहां नहीं मिलीं। इसके बाद परिजनों ने आसपास उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सोमवार सुबह मृतका का बेटा जंगल की ओर दातुन तोड़ने गया, जहां उसने अपनी मां का शव देखा। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।
सूचना मिलने पर कुमारडुंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया। प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने संदेही पुडुवा सिंकू उर्फ चौके को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी लंबे समय से शुरू गोप पर डायन होने का संदेह करता था। उसका मानना था कि उसके बच्चों की बीमारी के पीछे महिला का हाथ है। इस बात को लेकर वह पहले भी महिला पर आरोप लगाता रहा था। मृतका अपने पीछे सात बच्चों का परिवार छोड़ गई हैं। घटना के बाद परिजन गहरे सदमे में हैं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कुमारडुंगी थाना प्रभारी विनोद पासवान ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर मामला अंधविश्वास और डायन-बिसाही से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

