चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर प्रखंड परिसर में गुरुवार को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत चयनित लाभुकों के बीच सुकर वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना तथा स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य लालमुनी पुरती, जिला परिषद सदस्य राजश्री सवैया, प्रमुख मंजू देवगम और प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. पूनम सोरेन मुख्य रूप से मौजूद रहीं। अधिकारियों ने लाभुकों को सुकर पालन की आधुनिक पद्धतियों, उचित देखभाल, संतुलित आहार तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पशुओं के नियमित टीकाकरण और स्वच्छ वातावरण में पालन पर विशेष जोर दिया गया।
योजना के अंतर्गत 75 से 90 प्रतिशत अनुदान पर पांच लाभुकों को सुकर उपलब्ध कराया गया। इससे ग्रामीणों को कम लागत में पशुपालन शुरू करने का अवसर मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। लाभुकों में पुराना चाईबासा के अजीत देवगम, करकटा के विजय सिंह सुंडी, सिंहपोखरिया की सुगन्धि देवगम, पांडवीर की जानो कुई तथा नरसंडा के गोनो सुंडी शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान विजय सिंह देवगम, विवेक पूर्ति, शांति देवगम, मनकी देवगम, रमेश सुंडी, सनी देवगम और महांति देवगम समेत कई ग्रामीण और लाभुक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि सरकार की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और पशुपालन को रोजगार के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

