जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराना बनकाटी गांव में बुधवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पीडीएस डीलर मृणाल कुमार रजक (61) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव गांव के पास स्थित धाड़मोरा तालाब के समीप एक डूमर के पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
परिजनों के अनुसार मृणाल रजक सुबह करीब सात बजे घर से निकले थे। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई और उन्होंने खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान नाला किनारे पेड़ से उनका शव फंदे से झूलता मिला। सूचना मिलते ही घाटशिला थाना प्रभारी राजेंद्र मुंडा, एसआई गौतम कुमार और रजनीश आनंद दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेज दिया, जहां डॉ. शंकर टुडू ने पोस्टमार्टम किया। बाद में शव का अंतिम संस्कार गांव में ही कर दिया गया।
घटना स्थल के पास स्थित पीडीएस दुकान से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इसमें मृणाल रजक ने अपनी परेशानी का जिक्र करते हुए लिखा है कि वे पिछले करीब नौ महीनों से कमीशन नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया था। इसके अलावा सहारा इंडिया में उनका पैसा फंसा होने से वे मानसिक रूप से काफी परेशान थे।
मृतक के पुत्र शिवनाथ रजक और आलोक रजक ने बताया कि उनके पिता का लगभग चार से पांच लाख रुपये कमीशन बकाया था, जिसके भुगतान के लिए उन्होंने कई बार संबंधित विभाग से गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। मंगलवार को भी वे इस मुद्दे को लेकर जमशेदपुर में आयोजित एक बैठक में गए थे। परिजनों का कहना है कि लगातार जांच, सख्त नियमों और बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण वे गहरे तनाव में रहने लगे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि मृणाल रजक सहारा इंडिया के एजेंट भी थे और वहां उनका करीब डेढ़ करोड़ रुपये की मैच्योरिटी राशि फंसी हुई थी। वे अपने व्यवहार और ईमानदारी के लिए गांव में जाने जाते थे। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। मौके पर मुखिया प्रतिनिधि जुझार सोरेन, पंसस जगन्नाथ कालिंदी, समाजसेवी कालीराम शर्मा सहित कई लोग मौजूद रहे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

