जमशेदपुर/ पोटका
सामाजिक संस्था “युवा” (यूथ यूनिटी फॉर वोलंटरीएक्शन ) द्वारा गर्ल्स फर्स्ट फंड के सहयोग से पोटका प्रखंड के 15 पंचायतों के अंतर्गत 30 गाँवों में बाल विवाह एवं जबरन विवाह की रोकथाम को लेकर30 अप्रैल से 1 मई 2026 तक दो दिवसीय दो दिवसीय व्यापक सामुदायिक जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस अभियान के तहत जागरूकता गाड़ी, नुक्कड़ नाटक एवं ग्रामीणों के साथ संवाद के माध्यम से समुदाय को संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह एवं जबरन विवाह जैसी कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त करना तथा समाज में जेंडर समानता और महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर चाँद मनी सवैयाँ ने बताया कि अभियान के माध्यम से 15 पंचायतों के 30 गाँवों में लोगों को बाल विवाह एवं जबरन विवाह के कानूनी, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, समुदाय को जेंडर पहचान, जेंडर आधारित हिंसा एवं भेदभाव के प्रति संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
अभियान के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 सहित संबंधित कानूनों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई। पंचायत प्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं एवं अभिभावकों को जोड़कर बाल विवाह रोकने के लिए सामुदायिक निगरानी तंत्र विकसित करने की दिशा में भी पहल की गई। इसके अतिरिक्त, हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं 181 तथा स्थानीय प्रशासन से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी लोगों को अवगत कराया गया। लड़कियों की शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए अभिभावकों को अपनी बेटियों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अभियान की सफलता में संस्था के सदस्यों अवंती सरदार, रीला सरदार, किरण सरदार, अरूप मंडल एवं युवा लीडर किशोर-किशोरियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

