जमशेदपुर: टाटा स्टील द्वारा ‘एक्सीलेंस इन एजुकेशन प्रोग्राम वर्ज़न 2’ का शुभारंभ 23 अप्रैल 2026, गुरुवार को केरला समाजम मॉडल स्कूल में किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों के कौशल विकास (अपस्किलिंग) को बढ़ावा देना है। विभिन्न स्कूलों के प्राचार्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर पांच प्रमुख कौशलों की पहचान की गई है, जिनमें सामाजिक एवं सांस्कृतिक कौशल का विकास प्रमुख रूप से शामिल है।
कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे किया गया, जिसमें टाटा स्टील फाउंडेशन के जिरेन टोपनो के साथ प्रतीक, जेम्स मिन्ज और बोइपोई उपस्थित रहे। इस पहल को सफल बनाने में टाटा स्टील विभाग की विद्या बट्टीवाला और काजल पटेल की विशेष भूमिका रही।
कार्यक्रम के दौरान जिरेन टोपनो ने झारखंड की विभिन्न जनजातियों और भाषाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर जमशेदपुर के 17 स्कूलों के कुल 340 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। छात्रों को जनजातियों की संस्कृति, जीवनशैली, कार्य प्रणाली, शासन व्यवस्था और शिक्षा प्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
उन्होंने बताया कि झारखंड की सभी जनजातियों में एक समान विशेषता प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रकृति हमें सब कुछ निःशुल्क देती है, इसलिए उसे सुरक्षित रखना और उसका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है, विशेषकर वनस्पति और जीव-जंतुओं का संरक्षण।
अपने प्रभावशाली वक्तव्य के माध्यम से टोपनो ने लगभग एक घंटे 15 मिनट तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। कार्यक्रम के अंत में छात्र और शिक्षक झारखंड की जनजातीय संस्कृति के बारे में नई और महत्वपूर्ण जानकारी लेकर लौटे।
विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल के लिए टाटा स्टील के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वर्ष 2026-27 के लिए कौशल विकास की दिशा में एक मजबूत शुरुआत हुई है।

