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Tue. Jun 9th, 2026

इजरी नदी प्रदूषण: बालू माफिया के खिलाफ महिलाओं का विरोध प्रदर्शन

बोकारो: जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र में बालू माफियाओं द्वारा इजरी नदी में अवैध उत्खनन और नदी के पानी को गंदा करने के विरोध में जाला गांव की महिलाओं ने सोमवार को मुखिया जहाना बीबी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। महिलाओं के उग्र विरोध को देखकर नदी में बालू धो रहे मजदूर और ट्रैक्टर चालक भाग खड़े हुए।

 

बालू माफिया सुनता, जाला, चितामी और कदुवागोड़ा घाटों से अवैध खनन कर नदी के बहते पानी में बालू धोते हैं, जिससे पानी गंदा और प्रदूषित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन को बार-बार शिकायत देने के बावजूद यह अवैध कारोबार जारी है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि एक वर्ष पूर्व चास प्रखंड प्रमुख बेला देवी और उनके पति काली चरण महतो ने अवैध खनन का निरीक्षण कर कार्रवाई करते हुए एक जेसीबी और दो ट्रैक्टर पुलिस को सौंपे थे। इसके बाद बालू माफियाओं ने काली चरण महतो पर हमला किया, जिसके बाद खनन कुछ समय के लिए रुक गया था। लेकिन अब यह निडरता से दोबारा शुरू हो गया है।

 

सोमवार को जाला और आमटांड़ की सैकड़ों महिलाओं ने मुखिया के नेतृत्व में बालू माफियाओं के खिलाफ आंदोलन किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बालू माफिया नदी किनारे की मिट्टी काटकर बालू धोते हैं, जिससे नदी का पानी मटमैला हो गया है। इस पानी के इस्तेमाल से ग्रामीणों को चर्मरोग और अन्य बीमारियां हो रही हैं।

 

महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने इस अवैध खनन को नहीं रोका तो वे आर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर हो जाएंगी। प्रदर्शन में ललिता देवी, मोईन साह, साधनी देवी, पद्धा देवी, सखिना बीवी, क्रांति देवी और सैकड़ों महिलाएं शामिल थीं।

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