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Thu. Jul 23rd, 2026

झुमूर के आशिक और गणित के मालिक थे गुणधर महतो: गुरुचरण महतो

चांडिल अनुमंडल अंतर्गत पारगामा गांव में गुणधर महतो स्मृति मेला संपन्न हुआ। कल सुबह 8 बजे गुणधर महतो के समाधि स्थल पर उनके प्रति श्रद्धा रखने वाले ग्रामीणों, विद्यार्थियों और लोक संस्कृति से ताल्लुक रखने वाले तमाम लोगों ने उनके मूर्ति पर माल्यार्पण करके भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया। मेला के संस्थापक व संरक्षक गुरुचरण महतो ने जानकारी देते हुए बताया कि उसके बाद सेकेंड हॉफ में संध्या 4 बजे से स्कूल-कॉलेज के ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए अनेकों तरह के शैक्षणिक प्रतियोगिताओं जैसे चित्र बनाओ, कविता पाठ, गणित दौड़, श्रुतिलेख, म्यूजिकल चेयर रेस, सामान्य ज्ञान, शंख बजाओ आदि का कंपिटीशन कराया गया। उक्त प्रतिस्पर्धाओं में विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया। विद्यार्थियों ने हर प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और पुरस्कार पाकर उनके चेहरे खिल उठे। अतिथियों ने अपना-अपना वक्तव्य भी रखे। तत्पश्चात् शाम 8 बजे से झारखंड मानभूम लोक-संस्कृति की एक अनुषंगी ईकाई बाऊल संगीत का मंचन हुआ जिसमें उपस्थित हुए साधु बाबाओं ने देहतत्व, गुरु महिमा, मायाजाल, समाज उत्थान, आपसी मधुर संबंध व पौराणिक सवाल-जवाब आदि विषयों पर गीत गाकर महिला व पुरुष दर्शकों को सुनाया। आपको बताते चलें कि ग्रामीण विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने व उनमें आत्मविश्वास भरने तथा युवाओं को अपनी लोक-संस्कृतियों से जुड़ने के उद्देश्य से यह मेला साल 2018 में शुरु किया गया था। इस बार मेला के दौरान स्व गुणधर महतो की स्मृति में कई प्रकार के फलदार व छायादार पौधे भी लगाए गए। विद्यार्थियों, राहगीरों और दर्शकों के बीच शरबत, भीगे हुए चने और भोग-प्रसाद का वितरण किया गया। गुणधर महतो अमर रहे, अमर रहे, अमर रहे के नारों के साथ रात 10 बजे कार्यक्रम की समाप्ति हुई। पूरे कार्यक्रम के दौरान पारगामा पंचायत के शिक्षकगणों, गण्यमान्य व्यक्तियों और अन्य बुद्धिजीवी समेत सैकड़ों की संख्या में प्रतिभागी व दर्शक उपस्थित रहे।

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