Jharkhand Unlock 5.0 : एक नवंबर से ,जानें और क्या छूट मिली

0
535

सरकार ने त्योहारी सीजन में लोगों को कंटेनमेंट जोन के बाहर शर्तों के साथ बड़ी छूट दी है। एक नवंबर से जिम और बार खुल सकेंगे जबकि आठ नवंबर से अंतर्राज्जीय बसों के संचालन की अनुमति भी दे दी गई है। दूसरी ओर तत्काल प्रभाव से दूसरे राज्य से झारखंड वापस आने वालों को 14 दिन के होम कॉरन्टीन से छूट दे दी गई है, लेकिन इन्हें 14 दिन तक संक्रमण के लक्षण पर खुद ध्यान देना होगा।

इस संबंध में गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने गुरुवार को आदेश जारी कर दिया है। राज्य में अब तीन तरह की गतिविधियां ही प्रतिबंधित रह गई हैं। इसके अतिरिक्त कंटोनमेंट जोन के बाहर सभी तरह की आर्थिक गतिविधियों को सरकार ने खोल दिया है।

बोर्ड परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के लिए बुलाये जा सकेंगे छात्र : राज्य सरकार के नए आदेश के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों में विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं के लिए छात्रों को स्कूल बुलाया जा सकता है। हालांकि इसके लिए अभिभावकों की सहमति अनिवार्य होगी। सरकार ने यह निर्णय सरकारी स्कूलों के छात्रों को मद्देनजर रखते हुए निर्णय लिया है। क्योंकि ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूलों के छात्रों के पास संसाधन की कमी के कारण ऑनलाइन फार्म भरने में समस्या आ रही थी।

200 लोग एकत्रित हो सकेंगे : सरकार ने कंटोनमेंट जोन के बाहर एक नवंबर से बंद स्थान जैसे हॉल की 50 फीसदी क्षमता के साथ मंडली जुटने की अनुमति दी है। इसी प्रकार खुले स्थान पर अब अधिकमत 200 लोग जुट सकेंगे। सामाजिक दूरी का अनुपालन अनिवार्य होगा। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए खोलना होगा बार- जिम : राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक, कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए 1 नवंबर से बार व जिम खोले जा सकते हैं। वैसी आर्थिक गतिविधियां जो प्रतिबंधित नहीं की गई हैं, सभी कंटेनमेंट जोन के बाहर संचालित की जा सकती हैं।

ये तीन गतिविधियों पर अब भी प्रतिबंध

– किसी भी प्रकार के जुलुस, मेला, प्रदर्शनी, दर्शकों के साथ खेल गतिविधियां

– स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक गतिविधियां, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान

-सिनेमा हॉल, स्विमिंग पुल व एंटरटेनमेंट पार्क

पंडालों में पूजा समिति से जुड़े 15 लोग ही रहेंगे : राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि दुर्गा पूजा को लेकर पंडालों में अधिकतम संख्या सात से बढ़ा कर पंद्रह पूजा समितियों से जुड़े लोगों के लिए की गई है। आम लोगों को पूजा पंडालों में घुमने के लिए छूट नहीं दी गई है। रांची उपायुक्त ने भी इस संबंध में गुरुवार को निर्देश जारी किया है। पूजा पंडालों में आयोजक, पुजारी और प्रबंधकों को ही अधिकतम 15 की संख्या में मौजूद रहने की अनुमति दी गई है।