एशिया की सबसे बड़ी बस्ती को 3 वोट का अधिकार क्यों-रंगरेटा महासभा video 👇

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Manjeet gil

जमशेदपुर

कोल्हान में सिखों की सर्वमान्य संस्था सी जी पी सी की जमशेदपुर में बैठक हुई.बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा यही छाया रहा कि सीजीपीसी में वोटिंग का अधिकार क्यों और कैसे दिया जा रहा है?इस परंपरा पर अब तक परिवर्तन क्यों नहीं हुआ?

रंगरेटा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और सीजीपीसी के सलाहकार मनजीत सिंह गिल ने इस मुद्दे में उस समय जान डाल दी जब उन्होंने कहा कि एशिया की सबसे बड़ी बस्ती है बिरसानगर जहां सिर्फ तीन वोटर ही वोट करते हैं यह भेदभाव आखिर क्यों?

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गिल ने कहा कि आबादी के हिसाब से बिरसानगर बस्ती में सिखों की जनसंख्या ज्यादा है लेकिन वहां की गुरुद्वारा कमेटी को मात्र 3 वोट का अधिकार देकर सीजीपीसी ने जो पुरानी परंपरा को बरकरार रखते हुए एक बड़ा भेदभाव पैदा किया हुआ है इसका रंगरेटा महासभा जोरदार विरोध करता है.

उन्होंने कहा कि बिरसानगर के साथ-साथ नामदा बस्ती,टुईलाडूंगरी और बारीडीह गुरुद्वारा कमेटियों के साथ भी यही भेदभाव चला आ रहा है.उन्होने कहा यह भेदभाव की परंपरा में अब परिवर्तन की जरूरत है जिसे सभी को मिल बैठकर सुलझाना चाहिए.

श्री गिल ने कहा कि किसी गुरुद्वारे में 50 की आबादी वाले कमेटी को 7 वोट का अधिकार है तो कहीं 500 की आबादी वाले को 3 वोट का अधिकार है इस परंपरा को पूरी तरह से या तो समान करना चाहिए या फिर इसमें सुधार करना चाहिए जिसके लिए सीजीपीसी ही पहल कर सकती है.