चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली भालुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में लगातार दूसरे दिन भालू के हमले की घटना सामने आई है। पिछले दो दिनों में भालू के हमलों में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जिससे जंगल से सटे गांवों में भय का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
ताजा घटना शनिवार सुबह मझगांव थाना क्षेत्र के सादोमसाई गांव में हुई। गांव निवासी ढुका पुरती नदी किनारे शौच के लिए गया था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे एक जंगली भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमले में युवक के सिर, चेहरे, पीठ, हाथ, नाक और कान सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भालू के हमले के बाद ढुका पुरती ने साहस का परिचय देते हुए खुद को बचाने का प्रयास किया और काफी देर तक भालू से संघर्ष करता रहा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उसने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई। उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों की आहट मिलते ही भालू जंगल की ओर भाग निकला।
ग्रामीणों ने घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगांव पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। सिर पर गहरे जख्म होने के कारण कई टांके लगाए गए। हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर कर दिया गया।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र के बालजोड़ी गांव में 18 वर्षीय नवविवाहिता मुक्ता गगराई पर भी जंगल में शौच के दौरान भालू ने हमला कर दिया था। हमले में उसके सिर, चेहरे, नाक, मुंह और हाथ पर गंभीर चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया था।
लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि जंगल से सटे क्षेत्रों में भालुओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं और सुबह-शाम बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से नियमित गश्त, निगरानी बढ़ाने और प्रभावित गांवों में जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

