चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड अंतर्गत छोटानागरा पंचायत के दुबिल गांव में मंगलवार सुबह आयोजित ग्राम सभा में रोजगार, मुआवजा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। दुलाल गुमटी के समीप आयोजित इस ग्राम सभा की अध्यक्षता ग्राम मुंडा रामलाल चाम्पिया ने की। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवक-युवतियां और गांव के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ग्राम सभा में सबसे प्रमुख मुद्दा सेल की चिड़िया-दुबिल माइंस में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का उठा। ग्रामीणों ने कहा कि खदान क्षेत्र से गांव सीधे तौर पर प्रभावित है, लेकिन इसके बावजूद यहां के युवक-युवतियों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दुबिल गांव के करीब 200 बेरोजगार युवक-युवतियों को सेल चिड़िया माइंस में नौकरी देने की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने से गांव के युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा और पलायन की समस्या भी कम होगी।
बैठक में पेयजल संकट का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के दिनों में गांव में पानी की भारी किल्लत हो जाती है। इसे देखते हुए ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर गांव के आठ चापाकलों पर जल्द जलमीनार लगाने की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना था कि नियमित जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ता है।
ग्राम सभा में माइंस से प्रभावित जमीनों के बदले उचित मुआवजा और प्रभावित परिवारों को नौकरी देने की मांग भी उठी। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से खनन कार्यों के कारण उनकी जमीन प्रभावित हो रही है, लेकिन अब तक उन्हें न तो पर्याप्त मुआवजा मिला और न ही रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। लोगों ने इस दिशा में जल्द कार्रवाई की मांग की
इसके अलावा ग्रामीणों ने गांव में सड़क, बिजली, पानी समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग भी प्रशासन और संबंधित कंपनियों से की। ग्रामीणों का कहना था कि विकास के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन आज भी गांव कई आवश्यक सुविधाओं से वंचित है। ग्राम सभा में पारित प्रस्तावों को संबंधित विभागों और प्रबंधन तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया।

