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Fri. May 15th, 2026

पर्यावरण चेतना केंद्र बड़ा सिगदी में ग्राम सभाओं का अंतर्मुखी एवं आपसी समन्यक क्षमता विकास कार्यशाला का आयोजन।

जमशेदपुर/ पोटका

पोटका के पर्यावरण चेतना केंद्र बड़ा सिगदी में पर्यावरण चेतना केंद्र एवं पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था धलभुम परगना के संयुक्त तत्वाधान में ग्राम सभाओं का अंतर्मुखी एवं आपसी सामान्यक क्षमता विकास का कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस कार्यशाला में पंचायत उपवन अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियम 1996 का मूल स्वरूप का जानकारी दिया गया । पंचायत उपवन झारखंड नियमावली 2025 का 17 अध्याय का बिंदु बार कानून एवं नियमावली के बारे में जानकारी दिया गया। जिसमें परिभाषाओं का विस्तृत जानकारी दिया गया। इस नियमावली में वर्णित, परंपरा, रीति रिवाज, सामाजिक व्यवस्थाएं ओर रूढी परंपरा, एवं विवादों का निपटारा ग्राम सभाओं का शक्ति और अधिकार है। ग्राम सभा का नियमित बैठक एवं बैठक में कोरम के बारे में जानकारी दिया गया। ग्राम सभा का गठन एवं उनकी अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति सदस्यों के द्वारा किया जाएगा। योजना एवं परियोजना संचालन से पूर्व ग्राम सभा से अनुमदन लेना। लघु खनिजों का खनन पट्टा से पूर्व ग्राम सभा से स्वीकृति लेना, लघु जल निकायों का प्रबंध की जानकारी दिया गया। मादक पदार्थों का ग्राम सभाओं के द्वारा नियंत्रण करना आदि के बारे में कार्यशाला में विस्तार पूर्वक चर्चा किया गया। इस कार्यशाला में पर्यावरण चेतना बड़ा सिगदी के निर्देशक सिद्धेश्वर सरदार, पारंपरिक स्वशासन दिगर जयपाल सिंह सरदार, हरीश सिंह भूमिज, लखीन्दर सरदार, सुबोध सरदार, रायचरण सरदार, जवा टुडू, विमला सरदार , गौरी सरदार, अनिता कुमारी, रामेश्वर सरदार, प्रियंका मुंडा, जुमिता सरदार, सुरेश सरदार, विभीषण समाद, गोपाल किस्कु, हेमंत सरदार, मोहन माझी, कापरा हांसदा, सालगे माडीॅ, घासीराम सरदार, अर्जुन सरदार, आदि उपस्थित रहे।

वाईट—सिद्धेश्वर सरदार–पर्यावरण चेतना केंद्र बड़ा सिगदी के निर्देशक।

वाईट—हरि सिंह भूमिज हारा पगड़ी।

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