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Sat. May 9th, 2026

कोडरमा में घर की लोहे की खिड़की पर गिरी बिजली, मां-बेटे समेत तीन की मौत

कोडरमा। जिले के सतगावां थाना क्षेत्र अंतर्गत नंदूडीह गांव में शुक्रवार देर रात प्रकृति का ऐसा कहर बरपा कि एक ही पल में पूरा परिवार तबाह हो गया। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और कड़कती बिजली के बीच हुए भीषण वज्रपात में मां-बेटे समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतकों की पहचान नंदूडीह गांव निवासी सरस्वती देवी (37 वर्ष), उनके 15 वर्षीय दिव्यांग पुत्र अंकित कुमार तथा गावां थाना क्षेत्र के धरवे नावाडीह निवासी मुंन्द्रिका देवी (45 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मुंन्द्रिका देवी अपने रिश्तेदार के घर आयोजित शादी समारोह में शामिल होने नंदूडीह गांव आई थीं। परिवार में कुछ दिन पहले ही खुशियों का माहौल था। 6 मई को प्रदीप यादव के भतीजे की शादी संपन्न हुई थी, जिसमें शामिल होने कई रिश्तेदार गांव पहुंचे थे। शनिवार को मुंन्द्रिका देवी को वापस अपने घर लौटना था, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।

ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार देर रात अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई और लगातार आसमान में बिजली कड़कने लगी। डर के कारण परिवार के लोग घर के अंदर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाके के साथ बिजली घर की लोहे की खिड़की पर आ गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वज्रपात इतना तेज था कि पूरे घर में तेज चमक फैल गई और कुछ क्षण के लिए लोग कुछ समझ ही नहीं पाए।

लोहे की खिड़की के संपर्क में आने से बिजली का करंट पूरे कमरे में फैल गया। कमरे में मौजूद सरस्वती देवी, उनका दिव्यांग पुत्र अंकित और मुंन्द्रिका देवी इसकी चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। कमरे की स्थिति देखकर लोग सहम गए। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना सतगावां थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और परिजनों को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि अंकित कुमार दिव्यांग था और हमेशा अपनी मां के साथ रहता था। मां-बेटे की एक साथ मौत से गांव के लोग बेहद दुखी हैं। घटना के बाद पूरे नंदूडीह गांव में शोक का माहौल है। शनिवार सुबह से ही मृतकों के घर पर लोगों की भीड़ जुटी रही। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

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