कोलकाता।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के तहत बुधवार को राज्य की शेष 142 सीटों पर मतदान शुरू हो गया। 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए हो रहे इस चुनाव में सुबह 9 बजे तक करीब 18.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कई संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटिंग जारी है।
इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। यह मुकाबला खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि पिछली बार नंदीग्राम सीट से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था, और इस बार भी वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ रहे हैं।
मतदान शुरू होते ही राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं की खबरें सामने आई हैं। नदिया जिले के चापड़ा में बूथ संख्या 53 पर भाजपा के एक पोलिंग एजेंट पर हमला किए जाने का आरोप लगा है। घायल एजेंट मोशारेफ मीर को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भाजपा उम्मीदवार सैकत सरकार ने आरोप लगाया कि मॉक पोल के दौरान टीएमसी समर्थकों ने एजेंट को रोककर उस पर हमला किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
शांतिपुर के वार्ड संख्या 16 में भाजपा के एक कैंप कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। वहीं दक्षिण 24 परगना के भांगर में आईएसएफ के एजेंट को मतदान केंद्र में प्रवेश से रोकने का आरोप लगा है। आईएसएफ नेता अराबुल इस्लाम ने दावा किया कि उनके एजेंटों के दस्तावेज छीने जा रहे हैं और मतदाताओं, खासकर महिलाओं को मतदान से रोका जा रहा है।
निमतला के बूथ संख्या 140 पर मतदान शुरू होने में देरी भी सामने आई, जहां सुबह 7:30 बजे तक वोटिंग शुरू नहीं हो सकी। इससे मतदाताओं में नाराजगी देखी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करते हुए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसी बीच सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सक्रिय हैं। डायमंड हार्बर और फलता समेत कई संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है। पुलिस ने मुख्यमंत्री के भाई कार्तिक बनर्जी सहित कुछ टीएमसी कार्यकर्ताओं को मतदान केंद्र के पास भीड़ लगाने पर चेतावनी भी दी।
मतदान के दौरान Mamata Banerjee खुद भी सक्रिय नजर आईं। उन्होंने सुबह ही अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर भवानीपुर क्षेत्र के कई पोलिंग बूथों का दौरा किया और मतदान व्यवस्था का जायजा लिया। आमतौर पर दोपहर में मतदान करने वाली मुख्यमंत्री इस बार सुबह ही मैदान में उतर गईं, जिससे इस सीट पर मुकाबले की गंभीरता साफ झलक रही है।
कुल मिलाकर, दूसरे चरण का मतदान जहां लोकतांत्रिक उत्साह के साथ जारी है, वहीं कुछ जगहों पर हिंसा और अव्यवस्था की घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित करती नजर आ रही हैं। निर्वाचन आयोग और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

