जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सोमवार को चाकुलिया प्रखंड के जमुआ और चंदनपुर पंचायत का दौरा कर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने माचाडीह, शाखाभांगा, झरिया और जमुआ गांव में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति एवं लाभ की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि लाभ समय पर सही लाभुकों तक पहुंचे। उन्होंने कूप निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और अबुआ आवास योजना की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने को कहा। लाभुकों को भी निर्देश दिया गया कि आवास योजना की किस्त मिलते ही राशि का उपयोग निर्माण कार्य में करें। अधिकारियों को निर्माण सामग्री की उपलब्धता, जियो टैगिंग के बाद समय पर भुगतान और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर सेविका और सहायिका को बच्चों को नियमित पोषाहार उपलब्ध कराने तथा उनके स्वास्थ्य और वजन से संबंधित आंकड़ों की सही प्रविष्टि पोषण ट्रैकर में करने का निर्देश दिया।
प्रखंड मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों को सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान मिले फीडबैक के आधार पर कार्यों में सुधार किया जाए और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में पंचायत सचिवों को निर्देश दिया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में नामांकित जिन बच्चों का आधार और जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एक माह के भीतर उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभुक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। आवास योजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया।
रोजगार सेवकों की हड़ताल के बावजूद विकास कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए मेट को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, प्रखंड क्षेत्र में रसोई गैस की आपूर्ति, वितरण और भंडारण की जानकारी लेते हुए कालाबाजारी पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को चिकित्सा अनुदान के अधिक आवेदन सुनिश्चित करने तथा पशु चिकित्सा पदाधिकारी को पशुधन वितरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने अंत में कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं की नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर समीक्षा बेहद जरूरी है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

