जमशेदपुर। टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) की शैक्षणिक इकाई क्लिनिकल सोसाइटी द्वारा जमशेदपुर में 63वें वार्षिक सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। वर्ष 1962 में स्थापित क्लिनिकल सोसाइटी लंबे समय से चिकित्सा पेशेवरों के बीच वैज्ञानिक चर्चा, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच रही है, जिसका उद्देश्य समुदाय के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है।
यह सम्मेलन वर्ष भर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के समापन का प्रतीक रहा। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में टाटा स्टील के कॉरपोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डी बी सुंदर रामम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
इस वर्ष सम्मेलन की थीम “स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – जंपिंग द कर्व” रही, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं और क्लिनिकल प्रैक्टिस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव और संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। वैज्ञानिक कार्यक्रम के तहत कई इंटरएक्टिव वर्कशॉप आयोजित की गईं, जिनका संचालन राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी के एआई टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष प्रोफेसर सुप्तेन सर्वाधिकारी और सीआरएएसएच लैब से जुड़े डॉ. सुव्रंकर दत्ता जैसे विशेषज्ञों ने किया। इन सत्रों में विशेष रूप से रेडियोलॉजी में एआई के उपयोग और स्वास्थ्य तकनीकों के एकीकरण पर जोर दिया गया।
सम्मेलन में प्रोफेसर सर्वाधिकारी के व्याख्यान और डॉ. सुव्रंकर दत्ता द्वारा “भारत में मेडिकल सुपरइंटेलिजेंस की दिशा – आगे का रास्ता” विषय पर मुख्य भाषण भी आयोजित किया गया, जिसने प्रतिभागियों को नई सोच और दिशा प्रदान की।
इसके अलावा कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें चेन्नई के प्रोमेड हॉस्पिटल से डॉ. अरुण कल्याणसुंदरम और कोलकाता के मणिपाल हॉस्पिटल्स से डॉ. कुनाल सरकार ने अपनी विशेषज्ञता साझा की।
सम्मेलन में 100 से अधिक शोध प्रस्तुतियां शामिल रहीं, जिनमें शोध पत्र, पोस्टर और केस स्टडी विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों से प्रस्तुत किए गए। इस बार “ऑक्युपेशनल हेल्थ रिसर्च” और “मेडिकल शार्क टैंक” जैसे नए सेगमेंट भी जोड़े गए, जिससे सम्मेलन और अधिक नवाचारी और रोचक बन गया। साथ ही पैनल चर्चा और मेडिकल क्विज ने भी प्रतिभागियों के ज्ञान और सहभागिता को बढ़ाया।
सम्मेलन का समापन टीएमएच के डॉक्टरों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसने आपसी सहयोग और एकजुटता की भावना को और मजबूत किया।
यह 63वां वार्षिक सम्मेलन टाटा मेन हॉस्पिटल की निरंतर सीखने, नवाचार और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।

