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एमजीएम अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त, प्रबंधन के आश्वासन पर काम पर लौटे डॉक्टर

जमशेदपुर। डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में सोमवार को जूनियर डॉक्टरों द्वारा शुरू की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल कुछ ही घंटों में समाप्त हो गई। सुबह 8:30 बजे से शुरू हुआ यह आंदोलन दोपहर करीब 1 बजे उस समय खत्म हुआ, जब अस्पताल प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में डॉक्टरों को उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिला।

हड़ताल के दौरान जूनियर डॉक्टरों ने अस्पताल परिसर के बाहर प्रदर्शन किया और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि वे पिछले पांच वर्षों से लगातार मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। डॉक्टरों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद उसे लागू नहीं किया गया।

स्थिति को गंभीर होते देख अस्पताल के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार और अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने हड़ताल कर रहे डॉक्टरों से वार्ता की। वार्ता के दौरान डॉक्टरों की मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और समाधान के लिए पहल करने का भरोसा दिया गया। इसके बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की और काम पर लौट आए।

हड़ताल के कारण कुछ घंटों के लिए अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। ओपीडी सेवाएं बाधित हुईं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया था और गंभीर मरीजों का इलाज जारी रखा गया, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण वहां भी दबाव की स्थिति बनी रही।

जूनियर डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे फिर से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि वे 24 घंटे मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, इसके बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।

हड़ताल समाप्त होने के बाद अस्पताल में धीरे-धीरे स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने लगी हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है।

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